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Doctors के पलायन को रोकेगी सरकार

Doctors के पलायन को रोकेगी सरकार

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शिमला। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और पीजी डिग्री हासिल करने वाले डॉक्टर अब राज्य से पलायन नहीं कर पाएंगे। सरकार इस दिशा में कुछ कड़े कदम उठाने जा रही है। अब एमबीबीएस को यहां राज्य में डिग्री लेने के बाद 20 साल सेवा करनी जरूरी होगी, वहीं 50 लाख रुपए की बैंक गारंटी भी देनी पड़ सकती है। यही नहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों यानी एक विषय में पीजी डिग्री हासिल करने वाले डॉक्टरों को एक करोड़ रुपए की बैंक गारंटी देनी पड़ सकती है। ऐसा डॉक्टरों के अच्छे पैकेज के लालच में निजी क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए किया जा रहा है। हालांकि अभी इस संबंध में अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में कुछ ऐसा प्रस्ताव तैयार कर रहा है और इस पर कैबिनेट में अंतिम फैसला होगा।

  • govtसरकार इस दिशा में कुछ कड़े कदम उठाने की बना रही योजना
  • 50 लाख व एक करोड़ रुपए बैंक गारंटी ले सकती है सरकार

अभी तक डॉक्टरों से सिर्फ बॉन्ड भरवाए जाते थे और जो डॉक्टर इसका उल्लंघन करता था, उसका मामला फिर कोर्ट में चला जाता था। इससे सरकार की डॉक्टरों के पलायन को रोकने की कोशिश सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। इसलिए अब सरकार इस दिशा में सख्त कदम उठाने जा रही है। राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी और चिकित्सकों के कुछ साल यहां बिताने के बाद निजी क्षेत्र की ओर रुख करने के मद्देनजर यह कठोर कदम उठाया जा रहा है। निजी क्षेत्र में डॉक्टरों और खासकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को अच्छे पैकेज का प्रस्ताव मिलता है और इस कारण सरकारी सेवा में लगे डॉक्टर निजी क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की और ज्यादा कमी हो जाती है।

ddddआज भी राज्य के ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की भारी कमी है। इसके साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी उतने डॉक्टर नहीं है, जितनी जरूरत है। इस कारण मरीजों का सारा दवाब राज्य स्तरीय अस्पताल आईजीएमसी और अन्य दूसरे क्षेत्रीय अस्पतालों पर पड़ता है। बताया जाता है कि राज्य में इस समय करीब 550 डॉक्टरों की कमी है और इसमें सबसे ज्यादा पद दूरदराज के इलाकों में खाली चल रहे हैं। वैसे सरकार ने जनजातीय, दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को विशेष भत्ते भी दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर उन इलाकों में नहीं जा रहे। अगर कोई एमबीबीएस वहां जाता भी है तो वह पीजी करने के लिए फिर शहर की तरफ रुख कर देता है। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है और सरकार इनके पलायन को रोकने की कवायद में जुटी है।

koulउधर, स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह का कहना है कि सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों से एक करोड़ रुपए की बैंक गारंटी लेगी। इसके अलावा एमबीबीएस डॉक्टरों से 50 लाख रुपए की बैंक गारंटी लेने पर विचार कर रही है। इस मामले में अधिकारियों से बैठक कर इसे केबिनेट में रखा जाएगा। उनका कहना था कि इस संबंध में विभाग कुछ और शर्तें भी तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर मंगलवार को वॉक इन इंटरव्यू भी ले रही है।

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