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शिकंजा! जिला परिषद और BDC सदस्यों की ऐच्छिक निधि पर मनमानी होगी बंद

शिकंजा! जिला परिषद और BDC सदस्यों की ऐच्छिक निधि पर मनमानी होगी बंद

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शिमला। राज्य सरकार लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई पर शिकंजा कसने की तैयारियों पर है। जल्द ही सरकार अब जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी)  के खर्चों पर लगाम लगाने वाली है। ये सरकार की ओर से मिलने वाली एेच्छिक निधि खर्च करने पर अब मनमानी नहीं कर पाएंगे। अब सरकार की आेर से पैसा जारी करने को लेकर गाइडलाइन तैयार की जा रही है,लेकिन बताते हैं कि इन सदस्यों को सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही पैसा खर्च होना होगा। अब वे अपनी मर्जी से जहां चाहें वहां पैसा नहीं दे पाएंगे, जैसे पूर्व में इन सदस्यों ने किया था।

बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान

वैसे सरकार ने जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए इस वर्ष के बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान कर रखा है। सरकार ने अभी तक इस पैसे को जारी करने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए हैं। विभाग इसे लेकर गाइडलाइन तैयार कर रहा है। बताते हैं कि नई गाइडलाइन में सरकार के तय मापदंडों के मुताबिक ही चलना पड़ेगा। वे अपनी मर्जी से पैसा खर्च नहीं कर पाएंगे। यानी उन्हें उन्हीं मदों पर पैसा खर्च करना होगा, जो स्थानीय जरूरत हो। बताते हैं कि अब जिला परिषद और बीडीसी सदस्य केवल रास्ते, स्कूल के फर्नीचर, स्कूल लाइब्रेरी, रेन शेल्टर, श्मशान घाट आदि पर खर्च कर पाएंगे। पहले वे कई अन्य कार्यों के लिए भी पैसा देते थे।


राशि खर्च करने को लेकर बनाई जा रही नई गाइडलाइन

अब सरकार ने इनके लिए धन का प्रावधान करने के साथ ही इस राशि खर्च करने को लेकर भी नई गाइडलाइन बनाई जा रही है। यानी अब इनके हाथ बांधे जा रहे हैं। पंचायतीराज विभाग ने पैसा खर्च करने को लेकर इन सदस्यों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद विभाग गाइडलाइन तैयार करेगा। गौर है कि 14वें वित्त आयोग ने पैसा सीधे पंचायतों को देने का फैसला लिया है और जिला परिषद और पंचायत समिति  को अब पैसा न देने का निर्णय लिया है। इस फैसले का जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों ने कड़ा विरोध किया था और राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को लिखा भी था, लेकन केंद्र ने इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन करने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद इन सदस्यों ने राज्य सरकार से अपने स्तर पर अलग बजट का प्रावधान करने की मांग की थी। कई राज्यों ने ऐसा कदम उठाया है। इस पर सीएम वीरभद्र सिंह ने इस वर्ष के बजट में इसका प्रावधान किया था और जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए अलग से 42 करोड़ रुपए रखे थे। उधर, पंचायतीराज विभाग के संयुक्त सचिव केवल शर्मा ने कहा कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए सरकार ने धन का प्रावधान किया है। अब इस धन को ये सदस्य कैसे आवंटित करेंगे, इसे लेकर गाइडलाइन तैयार की जा ही है और इसके लिए सदस्यों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। सुझाव आने के बाद इसे लेकर जल्द कोई फैसला लिया जाएगा और इन सदस्यों को धनराशि मिलनी शुरू हो जाएगी

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