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पहली बार बंदोबस्त जनमंच, जवाब से संतुष्ट न होने पर कंवर ने लगाई अधिकारी को फटकार

पहली बार बंदोबस्त जनमंच, जवाब से संतुष्ट न होने पर कंवर ने लगाई अधिकारी को फटकार

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ऊना । जिला ऊना में पहली बार केवल बंदोबस्त के मामलों पर अलग से जनमंच का आयोजन बचत भवन में किया गया, जिसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने की। बंदोबस्त जनमंच में ग्रामीण विकास मंत्री ने कुल 42 जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को सभी समस्याओं का तीन महीने के भीतर निपटारा करने के निर्देश दिए।

 


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बंदोबस्त जनमंच में कंवर ने एक अधिकारी को डांट फटकार भी लगाई। एक शिकायत पर अधिकारी के जवाब से वीरेंद्र कंवर संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें डाटते हुए कहा कि बैठक का एजेंडा जब पहले ही दे दिया गया था वह तैयारी करके क्यों नहीं आए और समय पर समस्याओं का निपटारा क्यों नहीं हो रहा।

मामलों की समीक्षा करने के लिए तीन महीने बाद फिर जिला में बंदोबस्त जनमंच का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को बंदोबस्त से जुड़ी जन समस्याएं निपटाने के लिए तीन महीने के भीतर मौका करने के उपरांत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जनमंच में अकसर बंदोबस्त से जुड़े मामलों की शिकायतें आती थी, जिसकी वजह से अलग से सेटेलमेंट जनमंच करने का फैसला किया गया।

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जिसमें बंदोबस्त से जुड़े आला अधिकारी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बंदोबस्त के लिए जरूरी कर्मचारी व अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

साहब, बंदोबस्त के बाद पूरे गांव में प्रतिदिन हो रहे झगड़े

जनमंच में उदयपुर निवासी हरदेव सिंह ने कहा कि बंदोबस्त में भारी कमियों के चलते उनके गांव में प्रतिदिन झगड़े हो रहे हैं और लोगों को थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बंदोबस्त को ठीक किया जाए। इस पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आश्वासन दिया कि विभाग के अधिकारी मौके पर आएंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।

इसी तरह बसदेहड़ा निवासी रंजन कुमार ने कहा कि बंदोबस्त में गलती से किसी और की भूमि उनके हिस्से में डाल दी गई है। उनके स्वर्गवासी दादा व पिता ने जमीन असली मालिक को वापस करने के लिए लिख कर भी दिया, लेकिन अभी तक ये मामला फाइलों में ही घूम रहा है। रंजन ने कहा कि पिता व दादा के गुजर जाने के बाद वह भी कई वर्षों से दफ्तरों से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कुछ नहीं हो रहा। तहसीलदार बंदोबस्त अजय पराशर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह खुद इस मामले को देखेंगे।

मंत्री ने बुजुर्ग को मंच के सामने बुलाया

महाल राजपुरा निवासी बुजुर्ग करतार सिंह ने कहा कि 1991 में उन्होंने बंदोबस्त के लिए आवेदन किया था लेकिन उसके बाद उन्हें उनका आवेदन पत्र मिला ही नहीं। वर्ष 1996 में उन्होंने दोबारा आवेदन किया मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मंत्री ने बुजुर्ग करतार सिंह को मंच के सामने बुलाया और बंदोबस्त अधिकारियों को उनसे पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई करने को कहा।

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