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वाह री सरकार, वापस मांग रही मुआवजा

वाह री सरकार, वापस मांग रही मुआवजा

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वी कुमार/ मंडी। प्रदेश की भाग्यरेखाएं मजबूत करने वाले किसानों की किस्मत दोराहे पर खड़ी हो गई है। ऊना-नेरचौक सुपर हाईवे के लिए अपनी जमीन गंवा चुके भांवला के लोगों के पास एक तो जमीन नहीं बची है और अब सरकार ने दिया गया मुआवजा भी वापस मांग लिया है। इस संबंध में नोटिस मिलने के बाद भांवला के लोग भड़क गए हैं और उन्होंने आज जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को यह फरमान वापस लेने का आग्रह किया है।

  • मुआवजा लौटाने के नोटिस भेजने पर भड़के भांवला के किसान
  • ऊना-नेरचौक सुपर हाईवे में जमीन खो चुके हैं प्रभावित

notice-to-farmer-2मंडी जिला के सरकारघाट उपमंडल की भांवला पंचायत के लोगों की जमीनें ऊना-नेरचौक सुपर हाईवे के निर्माण कार्य में चली गई थी। लोगों को इसका मुआवजा भी दे दिया गया है। लेकिन, अब छह साल बीत जाने जाने के बाद इन किसानों से मुआवजे की राशि लौटाने के नोटिस भेजे जा रहे हैं कि उनकी भूमि का मुआवजा 1957-58 में दिया जा चुका है। इन नोटिसों की वजह से भांवला पंचायत के करीब 50 किसान सहमे हुए हैं। इस बाबत किसान सभा के अध्यक्ष किशोर कुमार ठाकुर की अगुवाई में किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन भेजा।

  • सरकार का तर्क, 1957-58 में दिया जा चुका था मुआवजा
  • भड़के लोगों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन

किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए दिया गया मुआवजा 6 साल बाद वापस मांगा जा रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि वे मुआवजे की राशि वापस करने में असमर्थ हैं। कुछ किसानों की तो मौत भी हो चुकी है। किसानों के अनुसार उन्हें जमीनों का बहुत कम मुआवजा सरकार ने दिया था, जिसे किसानों ने घर बनाने, अपने बच्चों को पढ़ाने आदि में खर्च कर दिया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनको इस तरह के नोटिस न भेजे जाएं।notice-to-farmer-1

किसानों के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग व भू-अर्जन विभाग शामिल थे जबकि किसानों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अगर कोई गलती की है तो इसमें किसानों का क्या कसूर है। सवाल यह है कि किसान अब पैसा कहां से लाकर वापस करेंगे। इसके लिए या तो किसानों को अपनी जमीन बेचनी पड़ेगी या उधार लेना पड़ेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री व उपायुक्त मंडी से अनुरोध किया है कि इस मुआवजा वसूली को रद्द किया जाए।

इस प्रतिनिधिमंडल में भांवला के बलदेव सिंह ठाकुर, चेत सिंह ठाकुर, जय कुमार, राम लाल, अमर सिंह, रूप लाल, धन देव, हेम सिंह, सुरेश कुमार, विजय कुमार, संजय कुमार, प्रकाश चंद, हरदेव, प्रेमी देवी, शीला देवी व कुंता देवी आदि शामिल थे।

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