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हड़ताली ग्राम रोजगार सेवकों को थमाए Termination letter

हड़ताली ग्राम रोजगार सेवकों को थमाए Termination letter

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Termination letter : धर्मशाला। जिन ग्राम रोजगार सेवकों ने अपने जीवन के 9 वर्ष प्रदेश सरकार की योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने के लिए दिए, उनकी सेवाओं के बदले में विभाग ने उन्हें टर्मिनेशन लेटर का तोहफा दिया है। यह विभाग की सरासर तानाशाही है, जिसका जवाब ग्राम रोजगार सेवक जल्द ही देंगे। ग्राम रोजगार सेवक संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष साहिब सिंह का कहना है कि संघ ने 15 दिन पहले अपना मांगपत्र विभाग को सौंप दिया था। उस मांगपत्र के अनुसार विभाग ने न तो कोई कार्रवाई की ओर न ही किसी को वार्ता के लिए बुलाया। अब जबकि ग्राम रोजगार सेवक पूर्व सूचना के तहत घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं तो विभाग तानाशाही दिखाते हुए टर्मिनेशन लेटर जारी कर रहा है।

संघ ने बताया विभाग की तानाशाही, कहा जल्द देंगे जवाब

साहिब सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के समस्त ग्राम रोज़गार सेवक संघ की अनिश्चितकालीन  हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। संघ का कहना  है  कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक संघ  काम रोको आंदोलन करता  रहेगा। उनका कहना है कि विभाग ने जो टर्मिनेशन लेटर जारी किए हैं, संघ उनका कड़ा विरोध करता है। विभाग ने अपने तानाशाही रवैये  का कारण 1100 गरीब ग्राम रोज़गार सेवकों के पेट पर लात मार दी है, जिसका खामियाजा बहुत ही जल्दी विभाग को भुगतना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक संघ को हिमाचल प्रदेश सरकार और सीएम वीरभद्र सिंह पर पूर्ण विश्वास है कि वह उनकी मांगें जल्द पूरी करेंगे, क्योंकि वह हमेशा ही कर्मचारी हितैषी रहे हैं। संघ को उम्मीद है कि सीएम जायज मांगों के लिए हड़ताल पर बैठे ग्राम रोजगार सेवकों से विभाग द्वारा किए गए व्यवहार का भी कड़ा संज्ञान लेंगे।


ग्राम रोजगार सेवकों की मुख्य मांगें

सामान कार्य सामान वेतन सुप्रीम कोर्ट का आदेश हैं कि कोई भी कर्मचारी हो चाहे कच्चा  हो या पक्का पर उसे वेतन जो रेगुलर कर्मचारी का दिया जाना तय है ग्राम रोजगार सेवक का कार्य खुद विभाग और सरकार ने क्लर्क, पंचायत सचिव का माना है। जो स्केल सात साल के बाद दिया जाना है, उसे आज दिनाक से दिया जाना ग्राम रोजगार सेवकों की प्रमुख मांग है। दूसरी मुख्य मांग ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पड़े पदों पर ग्राम रोजगार सेवकों को नियुक्त किया जाए। तीसरी प्रमुख मांग जो तीन वर्ष ग्राम रोजगार सेवकों ने अधिक लगाएं हैं, उन्हें दैनिक भोगी नीति में जोड़े जाए। जो दैनिक भोगी नीति अनुसार सात वर्ष लगाने है वह चार साल लगाने के उपरांत ग्राम रोजगार सेवकों को रेगुलर किया जाए। चौथी प्रमुख मांग नए लगे ग्राम रोजगार सेवकों को सालाना 1 हजार रुपए वेतन वृद्धि दी जाए। संघ की इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

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