- Advertisement -
रेवाड़ी। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे एक्सटेंशन लैक्चरर्स आज से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और उन्होंने न केवल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप भी लगाया। इनका कहना है कि राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाने वाले लैक्चरर्स को मात्र 250 रूपए यानि 18 हजार रूपए अधिकतम मासिक वेतन मिलता है। इसके अलावा छुट्टी व एक्जाम के दौरान उन्हें रिलीव कर दिया जाता है, जिसके कारण उन्हें मात्र 8 से 10 हजार रूपए ही मिल पाते हैं। उनके साथ हो रहे इस शोषण को लेकर हाईकोर्ट ने गत वर्ष 5 मई को सरकार को आदेश दिया था कि उन्हें कम से कम 25 हजार रूपए मासिक वेतन दिया जाए। इस पर सरकार ने उनके वेतन में बढ़ोतरी करने की घोषणा भी की, लेकिन उसके बावजूद आज तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसे लेकर उनमें सरकार के खिलाफ भारी रोष है। एक्सटेंशन लैक्चरर्स का कहना है कि कई माह से वेतन न मिलने के कारण कई लैक्चरर्स भुखमरी की कगार पर आ पहुंचे हैं। इसलिए उन्हें मजबूरन अनिश्चितकालीन धरने का सहारा लेना पड़ा।
- Advertisement -