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हरियाणा अगले दो वर्षः हर घर ब्रॉडबैंड से जुड़ेगा

हरियाणा अगले दो वर्षः हर घर ब्रॉडबैंड से जुड़ेगा

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चंडीगढ़। हरियाणा में सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन व विनिर्माण, ईएसडीएम नीति 2016 के प्रारूप में प्रदेश की सभी 6078 ग्राम पंचायतों में दो वर्ष के भीतर एक वाईफाई जोन प्रत्येक घर को ब्रॉडबैंड से जोडना और सभी कस्बों व शहरों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर वाईफाई जोन प्रदान करना व आगामी तीन वर्षों में प्रत्येक गांव में 4जी सर्विस प्रदान कर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों के लिये विकास इंजन बनाने के साथ ही इसमें इसी तरह की अनेक सेवाओं को भी शामिल किया गया है।wifi2

हरियाणा सरकार ने उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 के तहत निर्धारित राज्य के विजन को साकार करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीद्ध और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन व मैन्यूफैक्चरिंग , ईएसडीएम को विकसित करने के लिए हरियाणा आईटी और ईएसडीएम पॉलिसी 2016 तैयार की है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा को आईटी और ईएसडीएम क्षेत्रों में निवेश के लिये एक स्पष्ट पसंदीदा स्थान बनाना, उच्च गुणवत्तापरक प्रतिभा की उपलब्धता में अग्रणी राज्य बनाना है। इसके अलावा प्रदेश की एक समान समृद्धि, प्रगति और विकास को सुनिश्चित करने के लिये इस नीति के प्रारूप को तैयार किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार का उद्देश्य सभी 6078 ग्राम पंचायतों में 2 वर्ष के भीतर कम से कम एक वाईफाई जोन विकसित करने के अतिरिक्त प्रत्येक घर को ब्रोडबैंड सुविधा प्रदान करना और हरियाणा के सभी कस्बों व शहरों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर वाईफाई जोन प्रदान करना राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को ब्रोडबैंड से जोडना व वाईफाई प्रदान करना और वैश्विक दूरभाष संयोजकता सुनिश्चित करना और आगामी तीन वर्षों में प्रत्येक गांव में 4जी सर्विस प्रदान करना है।

wifi3प्रवक्ता ने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के शहरी व ग्रामीण भागों के बीच डिजिटल अंतर को पाटने के लिये हाईस्पीड ओएफसी संयोजकता के साथ सभी सरकारी कार्यालयों को जिला मुख्यालयों व उपजिलों के साथ जोडना भी है। यह नीति अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को विकसित करने के अतिरिक्त अग्रणी अनुसंधान, अनूठापन और उद्यमशीलता में उत्कृष्टता की संस्कृति को पोषित करती है। इसके साथ ही यह नागरिक-केन्द्रित सेवाओं को घर-द्वार पर प्रदान करने के लिये प्रौद्योगिकी को सक्षम बनाती है। प्रारूप नीति के 5 वर्षीय उद्देश्य में वर्ष 2020 तक आईटी-ईएसडीएम क्षेत्र में 15 लाख व्यक्तियों के लिये रोजगार सृजन, प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र के योगदान को 9.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना और 1000 पेटैंट प्रस्तुत करके हरियाणा को ईएसडीएम के लिये अनुसंधान और विकास में अग्रणी बनाना है। इस नीति प्रारूप का उद्देश्य आगामी 5 वर्षों के दौरान राज्य की आईटी और ईएसडीएम निर्यात में एमएसएमई के योगदान में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का लक्ष्य भी है।

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