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परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत, 50 से 75 प्रतिशत कम हुए शुल्क

परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत, 50 से 75 प्रतिशत कम हुए शुल्क

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चण्डीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सरकार ने परिवहन क्षेत्र को एक बड़ी राहत प्रदान करते हुए हल्के मोटर वाहनों के लिए परमिट प्रदान, नवीनीकरण और प्रतिहस्ताक्षर के शुल्क को 50 से 75 प्रतिशत तक कम करने का निर्णय लिया है। जिससे परिवहन क्षेत्र को लगभग 25 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ होगा। समस्त प्रदेश में दुपहिया एवं तिपहिया मोटर वाहनों के लिए परमिट प्रदान और नवीनीकरण करने के लिए अब पांच वर्षों के लिए 2,000 रुपये की जगह 1,000 रुपये फीस और एक वर्ष के लिए 500 रुपये की बजाय 250 रुपये की फीस देनी होगी। इसीप्रकार, हल्के मोटर वाहनों को पांच वर्ष के लिए 10,000 रुपये की बजाय 3500 रुपये की फीस और एक वर्ष के लिए 2,500 रुपये की बजाय 800 रुपये की फीस देनी होगी। अन्य मोटर वाहनों के लिए, पांच वर्ष के लिए 5250 रुपये और एक वर्ष के लिए 1200 रुपये की फीस देनी होगी जबकि पहले यह क्रमश: 25,000 रुपये और 6,000 रुपये थी।haryana-govt

दुपहिया एवं तिपहिया मोटर वाहनों के लिए परमिट के प्रतिहस्ताक्षर की फीस को एक वर्ष के लिए 500 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया गया है। हल्के मोटर वाहनों के मामले में प्रतिहस्ताक्षर फीस एक वर्ष के लिए 2,500 रुपये से घटाकर 800 रुपये और अन्य मोटर वाहनों के मामले में 6,000 रुपये से घटाकर 1,200 रुपये कर दी गई है। दुपहिया एवं तिपहिया मोटर वाहनों के लिए परमिट के हस्तांतरण की फीस 200 रुपये, हल्के मोटर वाहनों के लिए 500 रुपये और अन्य मोटर वाहनों के लिए 1,000 रुपये होगी। परमिट के हस्तांतरण के मामले में परमिट की वैद्यता अवधि के दौरान हस्तांतरण फीस के अलावा और कोई फीस नहीं ली जाएगी।

परमिटधारक की मृत्यु के मामले में, उत्तरवर्ती व्यक्ति, यदि वह मृत परमिटधारक का कानूनी उत्तराधिकारी है तो उससे परमिट हस्तांतरण के समय परमिट की वैद्यता की अवधि तक हस्तांतरण फीस नहीं ली जाएगी। यदि कोई मोटर वाहन परमिट के बिना है या उसके परमिट का नवीनीकरण नहीं करवाया गया है तो इस स्थिति में यह परमिट प्रदान या नवीनीकरण करने के समय दुपहिया एवं तिपहिया वाहनों तथा अन्य वाहनों से अस्थाई परमिट फीस के साथ प्रति सप्ताह या उसके भाग के लिए क्रमश: 50 रुपये और 100 रुपये का जुर्माना लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1250 रुपये होगी। यदि कोई वाहन बिना परमिट के चलता पाया जाता है तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 192-क का प्रावधान लागू होगा।

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