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रियल लाइफ Sherlock Holmes है मुंबई का ये पुलिसकर्मी, अब तक सुलझाए 700 मिसिंग केस

रियल लाइफ Sherlock Holmes है मुंबई का ये पुलिसकर्मी, अब तक सुलझाए 700 मिसिंग केस

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मुंबई। फिल्म में बहादुर और शातिर पुलिसवालों को तो आपने देखा होगा, लेकिन असल जिंदगी में भी ऐसे अफसर होते हैं जो मिसाल बनते हैं। ऐसे ही एक पुलिस वाले के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे रियल लाइफ शेरलॉक होम्स (Sherlock Holmes) कहा जाता है। मुंबई पुलिस (Mumbai Police) में हेड कॉन्स्टेबल राजेश पांडेय का गुमशुदगी के मामले सुलझाने में बड़ा नाम है। राजेश पांडेय भेष बदलकर वह अब तक 700 मिसिंग केस को सुलझा चुके हैं। उनके काम से प्रभावित होकर एक फिल्ममेकर ने उन पर फिल्म बनाने का फैसला किया है और पुलिस विभाग से इसके लिए इजाजत भी मांगी है।


52 वर्षीय राजेश पांडेय ने कुछ साल एक केस सुलझाया था जिसमें एक नाबालिग लड़के को उसके पिता ने आपसी रंजिश में किडनैप (kidnap) कर लिया था। मामला 2011 का है तभी से राजेश पांडेय देश के अलग-अलग हिस्सों में दार्जिलिंग से लेकर दिल्ली तक यात्रा करके गुमशुदगी के केस सुलझा चुके हैं। वह लगातार गुमशुदा लोगों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित घर वापस पहुंचाने के काम में जुटे हैं। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर दत्ता पडसलगिकर भी राजेश पांडेय के काम करने के तरीके से बेहद प्रभावित हैं। इस वजह से उन्होंने इसे ‘पांडेय मॉड्यूल’ नाम दिया है। इसका मतलब है कि कोई भी पुलिस अधिकारी जो गुमशुदगी के मामलों (Missing cases) की जांच कर रहा हो, उसे राजेश पांडेय के तरीके से मामले को सुलझाना चाहिए।

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2014 में एक घरेलू नौकरानी के लापता होने का मामला सामने आया। राजेश पांडेय को केस की जांच सौंपी गई थी। उन्होंने बड़ी चतुराई से इस मामले को सुलझाया और लड़की को वहां से रेस्क्यू करके सुरक्षित मुंबई वापस ले आए। राजेश पांडेय मामलों को सुलझाने के लिए अपने सोशल नेटवर्क का भी इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने टेलर, गेस्टहाउस मालिक, होटल और बार कर्मचारियों के बीच अपनी अच्छी पकड़ बना ली है जो उनके लिए विश्वसनीय सूत्र बन गए हैं। हेड कॉन्स्टेबल अपने 26 साल के करियर में तीन पुलिस स्टेशन में काम कर चुके हैं और 2005 से दर्ज एक मामले को छोड़कर लगभग सभी गुमशुदगी के मामलों को सुलझा चुके हैं।

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