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कमजोर होती याददाश्त… आखिर क्या है इलाज

कमजोर होती याददाश्त… आखिर क्या है इलाज

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जिन व्यक्तियों के मस्तिष्क और स्नायु दुर्बल हो जाते हैं, उनकी स्मरणशक्ति कमजोर हो जाती है, कुछ याद नहीं रहता तथा स्वभाव से वे भुलक्कड़ हो जाते हैं। विद्यार्थियों की भी यह आम समस्या है कि उन्हें पढ़ा हुआ भलीभांति याद नहीं रहता और याद रहता है तो कुछ ही समय तक। बच्चों से भी कहीं अधिक परेशानी का सबब बुजुर्गों के भूलने की बीमारी है।वे अपनी चीजें कहीं रखकर भूल जाते हैं और फिर दिन भर तलाशते रहते हैं। छात्रों की समस्या यह है कि हाल के कुछ साल में प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है। उन्हें प्रतियोगिताओं का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए तेज दिमाग की आवश्यकता होती है। अच्छे भविष्य के लिए तेज बुद्धि का होना बहुत ही जरूरी है। ऐसे में खानपान में ऐसी चीजों को शामिल करें जो स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक हों।


 

  • प्रतिदिन ब्लूबेरी का सेवन करें। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होता है। इसके इस्तेमाल से आपका दिमाग तेज होगा।
  • एक पके हुए बेलफल का गूदा मिट्टी के सकोरे में डालकर पानी भर दें। ऊपर पतला कपड़ा या छलनी रख दें। सुबह पानी निथारकर मीठा मिलाकर पीएं दिमाग तरोताजा हो जाएगा। सर्दियों के दिनों में बेल का गूदा मसलकर गर्म पानी में शहद के साथ घोलकर पी सकते हैं । इसके नियमित प्रयोग से दिमागी शक्ति अवश्य बढ़ेगी।
  • अलसी के बीज में प्रचुर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है इसलिए इसके इस्तेमाल से भी दिमाग तेज होता है।
  • पालक का मौसम हो तो प्रतिदिन पालक का इस्तेमाल करें। इससे कई तरह के रोगों से बचा जा सकता है। पालक में मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो हमारे पूरे शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।
  • दालचीनी का पाउडर बना लें। अब लगभग 10 ग्राम दालचीनी पाउडर को शहद में मिला कर सेवन करें। इससे स्मरण शक्ति तेज होगी।
  • एक चम्मच ताजे आंवले के रस में दो चम्मच शहद मिला कर पिएं। इससे दिमाग तेज होगा और याद भी अच्छी होगी। प्रतिदिन प्रातः आंवले का मुरब्बा खाने से भी दिमाग तेज होता है।
  • अखरोट में ज्यादा मात्रा में प्रोटीन और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जिसके उपयोग से अपने दिमाग को तेज बना सकते हैं। इसका इस्तेमाल प्रतिदिन करें।
  • बादाम को दिमाग के लिए अमृत के समान माना जाता है। स्मरणशक्ति के विकास के लिए 10 बादाम रात को भिगो दें और सुबह छिलका उतारकर लगभग 10-12 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर खाएं। लगातार दो माह तक यह मिश्रण खाने से दिमाग की सभी कमजोरियां दूर हो जाती हैं। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो भीगे हुए बादाम की लुगदी बनाकर सेवन करें।
  • रात्रि के समय बादाम के साथ सौंफ व मिश्री मिलाकर उसे पीस लें। इस चूर्ण को दूध के साथ पीने से स्मरणशक्ति बढ़ती है। यदि यह भी संभव न हो सके तो दस बादाम बारीक पीसकर आधा किलो दूध में मिलाएं और दूध को गर्म कर लें। इसके पश्चात दूध ठंडा होने पर उसमें चीनी मिलाकर पीएं। इस प्रकार किसी भी तरह से बादाम का सेवन करने से दिमाग में ताजगी आ जाती है व स्मरणशक्ति में भरपूर वृद्धि होती है।
  • गेहूं के ज्वारे को आयुर्वेद में अमृत कहा गया है। अगर आपको अपने दिमाग को तेज करना है, तो गेहूं के ज्वारे के रस में थोड़ा सा बादाम का पेस्ट और शक्कर मिलाकर इसका सेवन करें लाभ मिलेगा।
  • दिमागी कमजोरी से होनेवाली स्मरणशक्ति की कमी के लिए एक कप आम का रस, थोड़ा दूध और एक चम्मच अदरक का रस व चीनी मिलाकर पीने से दिमाग में ताजगी का संचार होता है। दूध में आम का रस मिलाकर पीने से भी दिमाग में तरावट आती है।

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