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गुड़हल के फूल व पत्तियों से बढ़ेगी याददाश्त

गुड़हल के फूल व पत्तियों से बढ़ेगी याददाश्त

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Hibiscus: आयुर्वेद में गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण औषधि माना गया है। इसकी जड़ से लेकर पुष्प तक हर चीज किसी न किसी बीमारी का इलाज है, खास तौर पर स्किन तथा बालों से जुड़ी समस्याओं का इसके निम्न औषधीय उपयोग हैं।

Hibiscus: पत्तियों को सुखाकर बना लें पाउडर

गुड़हल के 20 फूल तथा पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना एक गिलास दूध के साथ पीने से याददाश्त बढ़ती है। साथ ही इस उपाय से शरीर में खून की कमी भी दूर होती है।
चेहरे से मुंहासे व धब्बे दूर करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। इसके फूल की पत्तियों को पानी में पीसकर उसमें शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है।
मुंह में छाले होने पर गुड़हल के पत्ते चबाएं। जल्दी आराम मिलेगा।
यदि आप बालों को सुंदर और मजबूत बनाना चाहते हैं तो गुड़हल के ताजे फूलों को पीसकर बालों पर लगाएं।

मुंहासों के लिए भी है कारगर

मुंहासे हो गए हैं तो लाल गुड़हल की पत्तियों को पानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्वचा पर लगाने से आराम मिलता है।
गुड़हल के फूलों का उपयोग बालों को सुंदर बनाने के लिए भी किया जाता है। इसे पानी में उबाल कर सिर धोने से बालों के झड़ने की समस्या दूर हो जाती है।
मेहंदी और नींबू के रस में 10 ग्राम गुड़हल की पत्तियों को मिलाकर बालों की जड़ों से सिरे तक अच्छे से लगाएं। इस उपाय को करने से बालों की रूसी खत्म हो जाती है।
गुड़हल का फूल शरीर की सूजन के साथ-साथ खुजली तथा जलन जैसी समस्याओं से भी राहत देता है। गुड़हल के फूल की  10 ताजी पत्तियों को अच्छी तरह पीस कर सूजन तथा जलन वाली जगह पर लगाएंए कुछ ही मिनटों में समस्या दूर हो जाएगी।
गुड़हल के फूल और पत्तों का उपयोग त्वचा से झुर्रियां दूर करने में भी किया जाता है।

गुड़हल की चाय (हिबिस्कस टी)

गुड़हल की चाय (हिबिस्कस टी) को हर्बल चाय, कॉकटेल या काढ़े के तौर पर लिया जाता है। इसके फूलों को सुखा कर उसकी हर्बल चाय बनाई जाती है। इन सूखे फूलों को पानी में उबालकर चाय तैयार की जाती है। कॉकटेल के लिए इसमें ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े मिलाए जाते हैं। इस चाय के सेवन से मोटापा कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह मेमोरी और एकाग्रता भी बढ़ाता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही यह दिल के मरीजों के लिए भी अच्छी है।

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