Covid-19 Update

2,18,523
मामले (हिमाचल)
2,13,124
मरीज ठीक हुए
3,653
मौत
33,694,940
मामले (भारत)
232,779,878
मामले (दुनिया)

अब इस स्थिति में ही सिरमौर- Solan से शिमला रेफर हो सकेंगे कोरोना संक्रमित

अब इस स्थिति में ही सिरमौर- Solan से शिमला रेफर हो सकेंगे कोरोना संक्रमित

- Advertisement -

शिमला। हाईकोर्ट (High Court) ने सिरमौर और सोलन (Solan) जिलों के कोरोना संक्रमित मरीजों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला (DDU Hospital Shimla) के लिए तब तक स्थानांतरित ना करने का निर्देश जारी किए हैं, जब तक इन जिलों के अस्पतालों की क्षमता उक्त रोगियों को भर्ती करने से बाहर नहीं हो जाती। कोर्ट ने ऐसे रोगियों को उन्हीं स्थानों पर उनके इलाज के लिए प्राथमिकता देने के आदेश भी जारी किए। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने यह आदेश इंद्रजीत सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर दिए, जिसमें राज्य सरकार के 16 जुलाई, 2020 के आदेश को चुनौती दी गई है। सरकार के इस आदेश के तहत दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल, शिमला को शिमला और किन्नौर के जिलों के अलावा, सोलन और सिरमौर (Sirmaur) जिलों के लिए भी कोविड केयर अस्पताल (Covid Care Hospital)  घोषित किया गया है।

यह भी पढ़ें: नौणी कोविड केयर सेंटर से भागा कोरोना पॉजिटिव युवक Solan में पकड़ा

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि 15 मई को हुई एक बैठक में, उपकरणों और कर्मचारियों का समग्र विश्लेषण किया गया था और इसने स्वयं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पताल की कमियों को पूरी तरह से सुसज्जित करने और स्थिति को संभालने के लिए प्रतिबिंबित किया था। इसके अलावा, कर्मचारियों के जोखिम को कम करने के लिए एक रिमोट कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने की आवश्यकता है। 12 पल्स ऑक्सीमीटर, 1 डिफाइब्रिलेटर, इलेक्ट्रिक सक्शन मशीनें -आईसीयू के लिए 1 और कोविड वार्ड के लिए 4, ऑक्सीजन मैनिफोल्ड, 10 ऑक्सीजन रेगुलेटर, 1 वीडियो लैरिंजोस्कोप, 12 सिरिंज इन्फ्यूजन पंप, स्क्रब स्टेशन, पोर्टेबल एक्स-रे और अल्फा बेड गद्दे भी आवश्यक हैं। याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि ऐसी स्थिति में जब डीडीयू पूरी तरह से सक्षम नहीं है, तो मरीजों को सोलन और सिरमौर से डीडीयू शिमला में स्थानांतरित करना सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक होगा। 7 अगस्त को मामले पर हुई सुनवाई के दौरान निदेशक स्वास्थ्य सेवा ने न्यायालय को बताया था कि प्रदेश में चौबीस वेंटिलेटर हैं और बुनियादी ढांचे को देखते हुए, एक एनेस्थेटिस्ट केवल छह वेंटिलेटर संभाल सकता है। हालांकि, कोर्ट (Court) को यह बताया कि अब वेंटिलेटर को संभालने के लिए दो एनेस्थेटिस्ट (Anesthetist) काम कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि भले ही दो एनेस्थेटिस्ट उपलब्ध हैं, 12 वेंटिलेटर के लिए अभी भी एनेस्थेटिस्ट नहीं हैं। इसलिए, जब डीडीयू में बुनियादी ढांचा ही अधूरा है, तो सरकार का सिरमौर और सोलन से मरीजों को स्थानांतरित करने का यह आदेश सही नहीं है। मामले को 17 अगस्त को सुनवाई के लिए निर्धारित किया।

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है