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हाईकोर्ट के आदेशः बरोटा ग्राम सेवा सहकारी सभा और सेल्समैन को जारी करो नोटिस

2,62,373 रुपये राज्य सरकार के समक्ष जमा करवाने के भी आदेश जारी

हाईकोर्ट के आदेशः बरोटा ग्राम सेवा सहकारी सभा और सेल्समैन को जारी करो नोटिस

शिमला। खाद्य आपूर्ति विभाग के तहत उचित मूल्य की दुकान में कथित तौर पर अनियमितताएं बरतने के आरोप को लेकर दायर मामले में हाईकोर्ट ने बरोटा ग्राम सेवा सहकारी सभा को 2,62,373 रुपये राज्य सरकार के समक्ष जमा करवाने के आदेश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले बिलासपुर को आदेश जारी किए हैं कि वह बरोटा ग्राम सेवा सहकारी सभा व उसके सेल्समैन भंडारी राम को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू करें।

अगर यह अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि अनियमितताओ की पूर्ति सहकारी सभा से की जानी है तो यह वसूली उनसे ही की जाए। अगर वह इस निष्कर्ष पर पहुंचता हैं कि यह राशि सेल्समैन से वसूली जानी है तो सहकारी सभा यह राशि सेल्समैन से वसूलने का अधिकार रखेगी। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार भंडारी राम को 17 अगस्त 2009 को जिला नियंत्रक बिलासपुर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर उसके खिलाफ उचित मूल्य की दुकान में कथित तौर पर अनियमितताएं बरतने के लिए कार्रवाई शुरू की थी।Women's Commission, IAS officer, sexual harassment case, haryana, latest hindi news

भंडारी राम का संतोषजनक उत्तर न पाए जाने पर उसके खिलाफ 2,62,373 रुपये वसूलने के आदेश जारी किए गए थे, जिसके खिलाफ भंडारी राम ने निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के समक्ष अपील दाखिल की थी। लेकिन, निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति ने भंडारी राम की अपील को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किए थे कि सहकारी सभा कथित अनियमितताओं के लिए 2,00,000 रुपये सरकारी कोष में जमा करवाएं। सहकारी सभा ने प्रधान सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के समक्ष दूसरी अपील दाखिल की। लेकिन, यहां प्रार्थी की अपील खारिज हो गई। सहकारी सभा ने निदेशक व प्रधान सचिव के आदेशों को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी और हाईकोर्ट में उपरोक्त आदेश पारित कर दिए।

2 सप्ताह के भीतर उपयुक्त अथॉरिटी के समक्ष करें आवेदन

प्रदेश हाईकोर्ट ने वनभूमि पर 5 बीघा तक अवैध कब्जे को नियमित करने वाली राज्य सरकार की नीति को ध्यान में रखते हुए एक आदेश जारी किया है। कहा कि प्रार्थियों ने अगर इस नीति के मुताबिक अवैध कब्जों को नियमित करने बाबत आवेदन दाखिल नहीं किया है तो वह 2 सप्ताह के भीतर उपयुक्त अथॉरिटी के समक्ष आवेदन दाखिल करें। अथॉरिटी को 4 महीनों के भीतर उक्त आवेदन पर निर्णय लेने के आदेश भी दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने कुल्लू जिला में मनाली तहसील के चमन लाल, सरवन कुमार, तेजू राम, हुकम राम व दौलत राम द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।

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