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High Court के आदेशः जिलावार ही हो JBT की भर्ती, प्रतिवादियों से जवाब-तलब

High Court के आदेशः जिलावार ही हो JBT की भर्ती, प्रतिवादियों से जवाब-तलब

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High Court : शिमला हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जेबीटी की भर्ती जिलावार ही की जाए। कोर्ट ने प्रार्थी  विक्रांत ब्रागटा और अन्य  द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के  बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है प्रार्थी ने ट्रिब्यूनल द्वारा सुनाए गए उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसके तहत प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने वर्ष  2012 में जेबीटी भर्ती के लिए जिलावार आरक्षण किए जाने को गलत ठहराया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और संदीप शर्मा  की खंडपीठ ने आज सुनवाई के बाद ये आदेश दिए।
प्रार्थी ने याचिका में कहा कि वर्ष 2012 में अनुबंध पर जेबीटी शिक्षकों के 1308 पद भरने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने विज्ञापन जारी किया। इसके बाद 26 अक्तूबर को एक सर्कुलर जारी कर विभाग ने यह व्यवस्था दी कि उम्मीदवार संबंधित जिला में रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए प्रार्थियों ने इस शर्त को हाईकोर्ट में विभिन याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी। इसके अलावा टैट की मेरिट के आधार भर्ती किए जाने को भी प्रार्थियों ने चुनौती दी थी।

High Court : ट्रिब्यूनल ने दी थी यह व्यवस्था

ट्रिब्यूनल के गठन के बाद ये मामले सुनवाई के लिए वहां ट्रांसफर हुए। इन मामलों पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने व्यवस्था दी कि विभाग द्वारा जिलावार रिजरवेशन किया जाना गलत है, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत दिए गए मौलिक अधिकार का सरेआम उल्लंघन है। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने कहा कि जेबीटी भर्ती केवल टैट की मैरिट के आधार पर किया जाने का मुद्दा सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर कोई भी निर्णय नहीं दिया जा रहा। इन मामलों पर सरकार की ओर से दलील  दी गई कि जेबीटी शिक्षकों का जिलावार कैडर है, इसलिए इनकी भर्ती भी जिला के आधार पर ही की जाती है।

ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देने से कर दिया था इनकार

वहीं, एक अन्य मामले में जिसमें टैट की मैरिट के आधार पर ही जेबीटी की नियुक्ति किए जाने के निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी उस याचिका में हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल से आग्रह किया कि इस मामले का निपटारा जल्दी से किया जाए। प्रार्थी ने जेबीटी के भर्ती एवं पदोन्नति नियम 15 को अदालत के समक्ष चुनौती दी है। इस नियम के तहत जेबीटी की भर्ती टैट की मैरिट के आधार पर की जाएगी प्रार्थी ने दलील दी है कि टैट महज एक पात्रता है और टैट की मैरिट के आधार पर जेबीटी की नियुक्ति करना कानूनन गलत है। प्रार्थी के अनुसार शिक्षा विभाग ने इस वर्ष जेबीटी के 700 पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। प्रार्थी ने पहले प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष याचिका दायर की, लेकिन ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। ट्रिब्यूनल के इस निर्णय को प्रार्थी ने हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी।

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