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अवैध कब्जेः  हाईकोर्ट ने पॉलिसी लाने की इजाजत तो दी, पर कहा…

अवैध कब्जेः  हाईकोर्ट ने पॉलिसी लाने की इजाजत तो दी, पर कहा…

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High Court Policy : शिमला। हाईकोर्ट ने 5 बीघा तक सरकारी व वन भूमि पर किए अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए सरकार को पॉलिसी लाने की इजाजत प्रदान कर दी है। कोर्ट ने यह आदेश सरकार द्वारा अवैध कब्जाधारियों को राहत देने के लिए बनाए गए प्रारूप नियमों के प्रकाशन की इजाजत हेतु दायर आवेदन का निपटारा करते हुए पारित किए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सरकार के आवेदन पर यह आदेश पारित करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस इजाजत को यह कतई न समझा जाए कि कोर्ट ने प्रस्तावित पॉलिसी की वैधता को सही ठहरा दिया है। कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा कि यदि पॉलिसी बनाई जाती है और अगर उस पॉलिसी पर कोई भी कोर्ट में चुनौती देता है, तो उस स्थिति में उस पॉलिसी की क़ानूनी वैधता किसी भी समय परखी जा सकेगी। 

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को राहत देने के नियम

ज्ञात रहे कि सरकार ने इस आवेदन के साथ भू राजस्व अधिनियम के तहत बनाए गए उन प्रारूप नियमों की प्रति भी पेश की थी, जिसके तहत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को राहत देने के नियम बनाए गए हैं। सरकार की ओर से पेश प्रारूप पॉलिसी के अनुसार शहरों में 2 बिस्वा तक कब्जाई गई भूमि व ग्रामीण इलाकों में अधिकतम 5 बीघा तक कब्जाई गई भूमि का मालिकाना हक दिए जाने का प्रस्ताव है। यह मालिकाना हक 28 अगस्त 2015 से पहले के पात्र कब्जाधारियों को एसडीएम अथवा सहायक सेटलमेंट अधिकारी द्वारा दिया जाना है। प्रारूप के अनुसार ग्रामीण इलाकों के कब्जाधारियों की कुल भूमि अवैध कब्जा मिलाकर 10 बीघा से अधिक नहीं होनी चाहिए।


प्रारूप में स्पष्ट किया गया है ग्रामीणों के आम उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने वाली भूमि जैसे सड़क, जंगल, मेले के आयोजनों के लिए मैदान, चरागाह, अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाले मैदान, आम रास्ते, कब्रिस्तान, श्मशान घाट, तालाब, नहर, कुहल व चेक डेम इत्यादि पर किए गए कब्जों का मालिकाना हक किसी भी सूरत में नहीं दिया जाएगा। जिस वन भूमि के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी वह केंद्र सरकार से मांगी जाएगी। सरकार ने प्रारूप में 2 बीघा भूमि तक की भूमि के लिए 5000 रुपये प्रति बीघा व 2 से 5 बीघा तक की भूमि के लिए 10000 रुपये प्रति बीघा कीमत का निर्धारण भी किया है। मामले पर सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।

Illegal Possession : कब्जाधारियों को राहत देने के मामले की सुनवाई अब 25 को

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