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दागी पुलिस अधिकारियों की संवेदनशील पदों पर तैनाती पर Notice

दागी पुलिस अधिकारियों की संवेदनशील पदों पर तैनाती पर Notice

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Sensitive Posts : शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दागी पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनात करने के मामले में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और एसपी ऊना को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर जवाब-तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र और मीडिया में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए ये आदेश पारित किए। पुलिस कर्मी द्वारा लिखे पत्र में बताया गया कि दागी पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनाती दी जा रही है, जबकि कानूनन ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों को न तो संवेदनशील पदों पर और न ही उनके अपने जिलों में तैनाती दी जा सकती है।

हाईकोर्ट ने सीएस और डीजीपी नोटिस जारी कर मांगा 4 सप्ताह का समय

पत्र में डीजीपी व एसएसपी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बताया गया कि उना जिला में दागी हेड कांस्टेबल विजय कुमार व एचएचसी शेर बहादुर ने अपने तबादले छठी आईआरबी से रद करवा कर खुद की तैनाती पुलिस चौकियों में करवा ली। पुलिस कर्मी ने मामले की जांच कर ऐसे कर्मियों की तैनाती बटालियन में करने की गुहार लगाई है। मामले पर सुनवाई 4 जुलाई को होगी।


रक्कड़ पंचायत के फरमान पर हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा जिले की रक्कड़ पंचायत द्वारा जारी बीपीएल परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में न पढ़ाने के फरमान के खिलाफ लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने बैजनाथ के रमेश कुमार द्वारा मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए ये आदेश पारित किए। प्रार्थी रमेश कुमार ने पत्र में दलील दी कि इस तरह का फरमान जारी करना असंवैधानिक है। उनका तर्क था कि हर परिवार को अपने बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ाने की स्वतंत्रता है।  बीपीएल परिवार पर इस तरह की पाबंदी लगाने की शक्ति पंचायत के पास नहीं हैं। प्रार्थी ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि इस मुद्दे को लेकर कानूनी तौर पर जरूरी निर्देश जारी करें।

 High Court सख्त, सरकार से जवाब-तलब

शिमला। प्रदेश हाइकोर्ट ने वन विभाग के अफसरों की कार्य के प्रति लापरवाही से प्रदेश के राजस्व व पर्यावरण को होने वाले नुकसान को दर्शाने वाले पत्र पर संज्ञान लिया है। हमीरपुर के देवी सिंह चंदेल द्वारा लिखे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जनहित से जुड़े इस मामले में यह आदेश पारित किए।

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