- Advertisement -

Budget Session: चर्चा में समय न दिए जाने से नाराज Jagat Singh Negi ने सदन से किया Walk Out

नेगी के बाहर जाने के बाद अन्य कांग्रेस सदस्य भी सदन से बाहर चले गए 

0

- Advertisement -

शिमला। बजट चर्चा में अपनी बात रखने को और समय न दिए जाने से नाराज  जनजातीय जिले किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने सदन से वाकआउट कर दिया। नेगी के बाहर जाने के बाद अन्य कांग्रेस सदस्य भी सदन से बाहर चले गए।  इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह वाकआउट एक सदस्य का ही माना जाए।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नेगी से कहा कि वे अपनी बात समाप्त करें, क्योंकि वे पहले ही काफी समय ले चुके हैं। इस पर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनका समय भी नेगी को दिया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वीरभद्र सिंह सदन के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें जितना समय चाहिए वह सम्मानपूर्वक मिलेगा। लेकिन साथ ही कहा कि नेगी ने अधिक समय ले लिया है। इसके बीच नेगी अपनी बात रखने लगे और अध्यक्ष ने कहा कि वे बोलते रहेंगे तो वे दूसरे सदस्य को चर्चा के लिए आमंत्रित करेंगे। इससे नाराज नेगी ने कहा कि यदि वे बोलने नहीं देंगे तो वे सदन से वाकआउट करते हैं। यह कहते ही वे सदन से बाहर चले गए और इसके साथ ही विपक्षी कांग्रेस के अन्य सदस्य भी सदन से उठकर बाहर चले गए।

डीसी किन्नौर को लाडा का अध्यक्ष बनाए जाने पर उठाए सवाल

इससे पहले नेगी ने किन्नौर जिले के लाडा का अध्यक्ष डीसी को बनाने का मामला उठाया और कहा कि किन्नौर की गठित लाडा का अध्यक्ष स्थानीय विधायक होता है और इस संबंध में अन्य दो जनजातीय हलकों का हवाला भी दिया और कहा कि किन्नौर जिले से वे विधायक हैं और उन्हें इसका अध्यक्ष होना चाहिए, लेकिन सरकार ने डीसी को इसका अध्यक्ष बनाया है। कांग्रेस सदस्य जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बजट में कुछ भी विशेष नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई सरकार के आने के बाद लोगों को भी काफी उम्मीदें थी और केंद्र में इनकी सरकार होने के बाद भी वहां से मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इस बजट में कुछ भी इसकी झलक नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि सरकार वित्त प्रबंधन में विफल रही है और कर्ज से बाहर निकलने के लिए कोई प्रयास इसमें नहीं हैं। नेगी के बोलने के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कई बार हो-हल्ला भी किया और इससे सदन में माहौल भी गरमाया। सदस्यों को शांत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को हस्तक्षेप करना पड़ा।

युवाओं को रोजगार देने की कोई घोषणा इस बजट में नहीं

उधर, नेगी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने की कोई घोषणा इस बजट में नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया था। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है। नई सरकार इस योजना को बंद करने की हिम्मत नहीं कर पाई, लेकिन अब इसमें इसने कोई बजट नहीं रखा है, जबकि पूर्व सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया था। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने युवाओं से इस सरकार ने धोखा दिया है और वे इस सरकार को माफ नहीं करेंगे।

रूसा को लेकर भी नेगी ने विपक्ष को घेरा

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि रूसा को लेकर विपक्ष में रहते बीजेपी बहुत विरोध करती थी, लेकिन आज वह इस योजना को बंद नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि आज एबीवीपी के कार्यकर्ता रूसा को बंद करने की मांग को लेकर सीएम से मिले हैं और शिक्षा मंत्री से भी मिले हैं, लेकिन सरकार इसकी हिम्मत नहीं कर पा रही है, क्योंकि रूसा अच्छा सिस्टम है और इसे पूर्व कांग्रेस सरकार ने ही लागू किया है।
नेगी ने अब तो आरएसएस ने निक्कर छोड़ पैंट पहन ली है तो हमारे स्कूलों के बच्चों को भी क्यों न अच्छी पैंट उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की एकलव्य स्कूल योजना कांग्रेस सरकार की है, न कि मोदी सरकार की और इसके तहत किन्नौर में इस योजना में स्कूल खुल चुका है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने केंद्र की मदद से पूर्व कांग्रेस सरकार का कार्यकाल कम करवाया है। समय से पहले चुनाव की घोषणा करवाई गई और फिर लंबे समय तक यहां आचार संहिता लागू की गई। यह एक साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को गऊओं और आवारा पशुओं की तो चिंता है, लेकिन युवाओं और आम लोगों की चिंता नहीं है। उन्होंने एसएमसी का मामला उठाते हुए कहा कि सदन के भीतर सरकार इनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और सदन के बाहर एसएमसी शिक्षकों के साथ जय श्रीराम के नारे लगाए जा रहे हैं। यह सरकार को दोगलापन है और यह सामने आया है।

अफगानिस्तान संसद के निचले सदन के अधिकारियों ने देखी विस कार्रवाई 

अफगानिस्तान के संसद के निचले सदन के अधिकारियों के 40 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने भी आज हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही देखी। भोजनावकाश के बाद ये सदस्य विधानसभा की गैलरी में बैठे और सदन की कार्यवाही के संचालन को देखा। ये सदस्य ई-विधान सिस्टम समझने आए हैं।

- Advertisement -

Leave A Reply