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MBBS Fees: हाईकोर्ट के आदेश, चार सप्ताह में सरकार ले Fees निर्धारण का फैसला

MBBS Fees: हाईकोर्ट के आदेश, चार सप्ताह में सरकार ले Fees निर्धारण का फैसला

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High Court : शिमला।  हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय (एमएमयू) में एमबीबीएस को कोर्स की फीस निर्धारण कमेटी की अध्यक्षता अतिरिक्ति मुख्य सचिव (शिक्षा) द्वारा की जाएगी। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा)  कमेटी की बैठक करे और चार सप्ताह के भीतर फीस निर्धारण को लेकर निर्णय ले।  कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने स्टेट फीस निर्धारण कमेटी द्वारा एमएमयू में एमबीबीएस कोर्स के लिए फीस निर्धारित कियए जाने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए। कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि फीस का सही निर्धारण करने के लिए सचिव (कानून) और एक सदस्य चेंबर ऑफ कॉमर्स का होना जरूरी है।
8 मार्च को एमएमयू में एमबीबीएस कोर्स के लिए फीस का निर्धारण किया गया था

स्टेट फीस निर्धारण कमेटी द्वारा 8 मार्च को एमएमयू में एमबीबीएस कोर्स के लिए फीस का निर्धारण किया गया था। इसके तहत आईआरडीपी वाले छात्रों के लिए वहीं फीस रखी गई, जोकि सरकारी कॉलेज में जनरल श्रेणी के छात्रों के लिए है। स्टेट कोटे के तहत भरी गई सीटों के लिए इस समय पांच लाख रुपए फीस है और सत्र 2016-2017 के लिए पांच फीसदी, सत्र 2017-2018 के लिए दस फीसदी और सत्र 2018-2019 के लिए पंद्रह फीसदी फीस बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया हैइसी तरह मैनेजमेंट कोटे के लिए भी यही फीस वृद्धि निर्धारित की गई है

प्रार्थी विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी कि सुप्रीमकोर्ट के निर्णय के अनुसार सभी निजी शिक्षण संस्थानों में एक जैसी फीस होनी चाहिए। प्रार्थी विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि यदि सरकार आईआरडीपी छात्रों को राहत देना चाहती है तो उस स्थिति में सरकार को उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि उनके निजी संस्थान में फीस कम की जा सके, जिससे निजी संस्थान घाटे में रहते हैं प्रार्थी विश्वविद्यालय ने अदालत के ध्यान में लाया कि फीस निर्धारण के इस निर्णय के संबंध में प्रार्थी ने स्टेट फीस निर्धारण कमेटी के समक्ष प्रतिवेदन किया है और गुहार लगाईं है कि फीस निर्धारण बारे पुर्नवलोकन किया जाए। हाईकोर्ट ने कमेटी को आदेश दिए कि प्रार्थी के प्रतिवेदन पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। एमएमयू में एमबीबीएस कोर्स की 150 सीटें हैं। इसमें से 75 स्टेट कोटे की हैं और 75 मैनेजमेंट कोटे की है। मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

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