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बिक्रम बोले- छोटे राज्यों को कमतर आंकने पर माफी मांगें तमिलनाडु के वित्त मंत्री

भारतीय संविधान ने सभी राज्यों को बराबर का दिया है अधिकार

बिक्रम बोले- छोटे राज्यों को कमतर आंकने पर माफी मांगें तमिलनाडु के वित्त मंत्री

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शिमला/धर्मशाला। हिमाचल के उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर (Himachal Industry Minister Bikram Thakur) ने तमिलनाडु के वित्त मंत्री डॉ. पलानीवेल त्यागराजन (Tamil Nadu Finance Minister Dr. Palanivel Thiaga Rajan) पर निशाना साधा है। बिक्रम ठाकुर ने ने कहा कि तमिलनाडु सरकार के वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक में छोटे प्रदेशों का अपमान किया है। जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक में पलानीवेल ने कहा ‌‌है कि बड़े प्रदेशों को गोवा सरीखे छोटे राज्यों के मुकाबले ज्यादा तरजीह मिलनी चाहिए। पलानीवेल का बैठक में यह बयान संविधान के खिलाफ है। भारतीय संविधान (Indian Constitution) ने सभी राज्यों को बराबर के अधिकार दिए हैं।

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गोवा और हिमाचल जैसे छोटे राज्यों को कम नहीं आंकें

गोवा और हिमाचल जैसे छोटे राज्यों को कम नहीं आंका जाना चाहिए। हिमाचल जैसे छोटे राज्य की पर्यटन, फार्मा, स्वास्थ्य, हाईड्रो पावर, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काफी क्षमता है। जीएसटी में हर राज्य का एकसमान अधिकार है। तमिलनाडु के वित्त मंत्री को जीएसटी काउंसिल की बैठक में दिए गए इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। बिक्रम सिंह ने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा छोटे व बड़े राज्यों के आधार पर निर्णय नहीं लिए जाते हैं। सभी को बराबर का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की संरचना को चुनौती देना संघीय ढांचे के खिलाफ है।


आईजीएसटी से पूर्ण छूट की सिफारिश की गई

उद्योग मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर जीएसटी दरों में बदलाव और जीएसटी कानून एवं प्रक्रिया से संबंधित परिवर्तनों के संदर्भ में की गई सिफारिशें सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा कोविड-19 (Covid-19) राहत उपाय के रूप में, इस महामारी से संबंधित कई निर्दिष्ट वस्तुओं जैसे चिकित्सा ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य ऑक्सीजन भंडारण एवं परिवहन उपकरण, कुछ नैदानिक मार्कर परीक्षण किट और कोविड-19 टीके आदि को आईजीएसटी (IGST) से पूर्ण छूट की सिफारिश की गई है। भले ही ये सामग्री सरकार को दान करने के लिए अथवा किसी राहत एजेंसी को राज्य प्राधिकरण की सिफारिश पर भुगतान के आधार पर आयात की गई हो। यह छूट 31 अगस्त, 2021 तक वैध रहेगी।

अधिनियम के कुछ प्रावधानों में संशोधन की सिफारिश की

मंत्री ने कहा कि अभी तक आईजीएसटी छूट केवल तभी लागू होती थी जब इन वस्तुओं को निःशुल्क वितरण के लिए निःशुल्क आयात किया जाता था। इसकी अवधि को भी 31 अगस्त, 2021 तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा कोविड-19 की व्यक्तिगत मदों के लिए राहत देने, व्यापार सुविधा के लिए उपाय, करदाताओं के लिए कोविड-19 संबंधित राहत उपाय, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक रिटर्न (Annual Return) का सरलीकरण सहित परिषद द्वारा अनेक सराहनीय उपाय किए गए हैं। बिक्रम सिंह ने कहा कि जीएसटी परिषद ने अधिनियम के कुछ प्रावधानों में संशोधन की सिफारिश की है ताकि जीएसटीआर-1/3बी रिर्टन फाइलिंग की वर्तमान प्रणाली को जीएसटी में डिफाल्ट रिर्टन फाइलिंग सिस्टम बनाया जा सके। जीएसटी परिषद द्वारा देश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग के कल्याण के दृष्टिगत निरंतर सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी को खुले मन से उनकी सराहना करनी चाहिए।

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