×

भारत बंद के समर्थन में हिमाचल किसान सभा ने निकाली रोष रैली

कुल्लू में सड़क पर उतरे किसान व मजदूर

भारत बंद के समर्थन में हिमाचल किसान सभा ने निकाली रोष रैली

- Advertisement -

शिमला। सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (Central trade unions) के संयुक्त मंच व किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सीटू व हिमाचल किसान सभा ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, तीन कृषि कानूनों, कृषि के निगमीकरण, बिजली विधेयक 2020, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण आदि के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहड़ू, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, धर्मशाला, चंबा, ऊना, सोलन, सिरमौर व किन्नौर में किए गए। इन प्रदर्शनों में हज़ारों मजदूर-किसान शामिल रहे। सीटू व हिमाचल किसान सभा ने केंद्र सरकार से मजदूर, किसान व कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की है।


यह भी पढ़ें: लॉकडाउन और Night Curfew को लेकर क्या बोले जयराम ठाकुर-जानिए

 

सीटू ने ऐलान किया है कि 28 मार्च को होली के दिन मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों तथा कर्मचारी व जनता विरोधी बिजली विधेयक 2020 की प्रतियों को जलाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश ज़ाहिर किया जाएगा। इस आह्वान के तहत शिमला के डीसी कार्यालय पर मजदूरों व किसानों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा सहित कई पदाधिकारी भी शामिल रहे। सीटू व हिमाचल सभा ने केंद्र सरकार को चेताया है कि मजदूर विरोधी लेबर कोडों, काले कृषि कानूनों, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण व बिजली विधेयक-2020 के खिलाफ आंदोलन तेज होगा।

 

 

कुल्लू। कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को चार महीने पूरे हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आज भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। इसी कड़ी में कुल्लू जिला मुख्यालय में हिमाचल किसान सभाकुल्लू के महासचिव होतम सिंह सोंखला की अध्यक्षता में किसानों के समर्थन में रैली निकालकर भारत बंद का समर्थन किया। इस अवसर पर होतम सिंह सोंखला ने बताया पूरे देश मे कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया है। कुल्लू और आनी में किसानों के भारत बंद को लेकर समर्थन् किया है।

यह भी पढ़ें: भारत बंद : गाजीपुर बॉर्डर पर डांस कर रहे किसान, अमृतसर में जाम किया रेलवे ट्रैक

उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि देश में जहां-जहां किसान मजदूर संगठन है, वहां पर भारत बंद का असर है। केंद्र सरकार ने जो तीन काले कृषि कानून बनाए हैं, उनको वापस लेने की मांग पिछले लंबे समय से किसान संगठन कर रहे हैं । आज सभी किसानों का केंद्र सरकार से यह मांग है कि इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। किसानों समर्थन में मजदूर भी सड़कों पर उतरें है। किसान ने सरकार को सीधे कहा है कि बिल वापसी तो घर वापसी नहीं तो यह आंदोलन लंबा चलेगा।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है