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CAG ने प्रदेश के वित्तिय प्रबंधन पर उठाए सवाल

CAG ने प्रदेश के वित्तिय प्रबंधन पर उठाए सवाल

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CAG report : लेखराज धरटा /  शिमला। कैग ने प्रदेश के वित्तिय प्रबंधन पर एक के बाद एक सवाल उठाए हैं। अपनी रिपोर्ट में हालांकि कैग ने राजकोषीय घाटे को बेहतर बताया, लेकिन कर्ज के बढ़ते बोझ और राजस्व का बड़ा भाग वेतन, भत्तों, पेंशन के साथ-साथ ऋणों के भुगतान पर खर्च को लेकर चिंता भी जताई। बहरहाल, विधानसभा के पटल पर कैग ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट रख दी। इस दौरान केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि और केंद्रीय शेयर का सामाजिक कार्यों में खर्च नहीं करने पर सवाल उठाए गए। आपदा प्रबंधन, आगज़नी की घटनाओं पर सरकार का ध्यान और असंवेदनशीलता के साथ वाटरशेड और लाइव स्टॉक जैसे जन उपयोगी और स्वरोज़गार सृजित करने वाली योजनाओं को तव्वजो देने की बात कही गई।


विधानसभा के पटल पर कैग ने रखी अपनी रिपोर्ट

यहीं नहीं सिस्मिक जोन 5 में आते हिमाचल के ज्यादातर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण और बढ़ते बेतरतीव अवैध निर्माण पर भी कैग ने चिंता जताई है। इस दौरान कैग ने सरकार को सुझाव दिया कि इस बारे समय रहते प्रभावी नीति बनाई जाए। शुक्रवार को कैग ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अपनी कुल छह रिपोर्ट्स प्रस्तुत की, जिसमें प्रदेश के राजकोषीय घाटे से निकलने की स्थिति को बेहतर बताया। हालांकि इनमे हिमाचल में टैक्स का शेयर बढ़ा भी बताया गया है। कैग ने सरकार से अपनी रिपोर्ट में जहां लंबे समय के लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन को अच्छा करने के लिए गैर ज़रूरी खर्चों में कटौती किए जाने का सुझाव दिया, साथ ही योजनाओं को सही समय पर पूरा करने की भी बात कही गई है।

गैर ज़रूरी खर्चों में कटौती किए जाने का सुझाव

रिपोर्ट में इस बात पर चिंता ज़ाहिर की गई है कि सरकार के कुल राजस्व का सबसे ज्यादा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन भत्तों और पेंशन आदि पर खर्च हो रहा है, जिसे बेहतर प्रबंध के साथ जरूरी सेवाओं में खर्च करने की बात कही। रिपोर्ट में सरकार को अपने संसाधनों को बढ़ाने, गैर योजनागत खर्चों में कटौती करने के साथ-साथ पब्लिक सेक्टर के तहत आने वाले उपक्रमों के घाटे को कम करने और केंद्रीय योजनों के तहत मिलने वाली राशि का सही इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई।

डिजास्टर मैनेजमेंट और वाटरशेड जैसे स्कीमों, जिसमें ज्यादातर रोज़गार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं, उसको प्रभावी तरीके से चलाने और इसके जरिये ज्यादा से ज्यादा रोज़गार सृजित करने जैसे कार्यक्रमों के संसाधन पैदा करने की दिशा में काम करने की भी बात कही गई। शिमला में महालेखाकार राम मोहन जोहरी ने विधानसभा में कैग की रिपोर्ट पेश करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा की प्रदेश में पिछले साल की अपेक्षा घाटा कम हुआ है और इसका मुख्य कारण केंद्र सरकार से मिली ग्रांट है।

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CAG report tabled in the Himachal Vidhan Sabha

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