इस्तीफा देते ही अनिल ने कहा, मैं नहीं पंडित जी गए थे पीडब्ल्यूडी मांगने

बोले, मैंने न तो खुद और न ही पिता के साथ जाकर किसी विभाग की मांग की

इस्तीफा देते ही अनिल ने कहा, मैं नहीं पंडित जी गए थे पीडब्ल्यूडी मांगने

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लेखराज धरटा/शिमला। इस्तीफा देने के बाद अनिल शर्मा (Anil Sharma) ने सीएम जयराम ठाकुर पर जुबानी हमला किया है। यहां मीडिया से बातचीत में अनिल शर्मा ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर जी आप अगर देवी-देवताओं पर विश्वास रखते हैं तो बताएं वह कब अपने पिता पंडित सुखराम के साथ उनके पास विभाग मांगने आए थे। उन्होंने न तो खुद और न ही पिता के साथ आकर किसी विभाग की मांग की। उन्हें किसी से पता चला था कि उनको ऊर्जा विभाग दिया जा रहा है। हालांकि, उनके पिता पंडित सुखराम जरूर सीएम से मिले थे और उन्होंने पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग देने की बात कही थी।


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जब उन्होंने (अनिल शर्मा) अपने पिता पंडित सुखराम से इस बारे पूछा तो पंडित सुखराम (Pandit Sukhram) ने बताया कि उनकी एक इच्छा है, प्रदेश की सड़कें चकाचक हों, ताकि काफी संख्या में पर्यटक हिमाचल आएं, इसके लिए उनके पास एक कार्यक्रम है। इसलिए ही उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से मिलकर पीडब्ल्यूडी विभाग की इच्छा जताई थी। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर को नसीहत देते हुए कहा कि पंडित सुखराम और अनिल शर्मा को छोड़ कर प्रदेश के विकास की बात करें। मंडी (Mandi) में सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खस्ता है, सीएम जयराम ठाकुर इन पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शांता कुमार व दूसरे नेताओं का उन पर भारी दबाव रहा है। उन्हें कहा गया कि अपना पक्ष साफ करो। उन्होंने तो पहले ही अपना पक्ष क्लेयर कर दिया था। कहा था कि न तो पार्टी की और न ही बेटे की मदद कर पाऊंगा।

पिछले कल सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) उनके चुनाव क्षेत्र में गए और कहा कि उनके मंत्री गायब हैं, वह तो शिमला (Shimla) में थे। वह प्रचार नहीं कर रहे हैं तो इस वजह से वह शिमला में थे। अगर सीएम को अपने ही मंत्री पर विश्वास नहीं है तो उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा। अपने बेटे आश्रय शर्मा के ससुर पर सीएम जयराम ठाकुर के बयान पर भी अनिल शर्मा ने उन पर निशाना साधा। आश्रय शर्मा को टिकट मांगने को लेकर अनिल शर्मा ने कहा कि इसमें क्या गलत हो गया। मंत्रियों के बेटे ठेकेदारी कर पैसा कमा रहे हैं। न ही उन्होंने और न ही उनके बेटे ने कभी ठेकेदारी का रास्ता अपनाया। उनके बेटे को ठेकेदारी का शौक नहीं है। रही आश्रय शर्मा की बात तो वह युवा हैं और अपना रास्ता खुद बना लेगा।

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