अमन-चैन के लिए उठे हजारों हाथ, धूमधाम से मनाई जा रही बकरीद

शिमला में काम करने वाले कश्मीरी नहीं जा पाए घर

अमन-चैन के लिए उठे हजारों हाथ, धूमधाम से मनाई जा रही बकरीद

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हिमाचल अभी अभी। प्रदेश भर में आज ईद-उल-अजहा यानी बकरीद (Bakrid) मनाई जा रही है। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर अमन- चैन की दुआ मांगी गई। इस अवसर पर एक-दूसरे को गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। शिमला शहर में ईदगाह, जामा मस्जिद सहित छोटा शिमला, कुतुब मस्जिद संजौली में मुस्लिम समुदाय ने भाईचारे की एकता को कायम करने के लिए अल्लाह से दुआ भी मांगी। \


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जामा मस्जिद के इमाम कारी मुहम्मद इस्लाम ने कहा कि आज देश और प्रदेश में अमन शांति के लिए ख़ास तौर पर दुआए मांगी गई । अल्लाह को खुश करने के लिए बकरीद पर कुर्बानी दी जाती है। वहीं शिमला में रह रहे कश्मीरी समुदाय के के लोगों का अपने घर पर कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। ना तो वो बकरीद पर अपने घर कश्मीर जा पाए और ना ही वहां रह रहे परिवार के लोगों फ़ोन पर बकरीद की बधाई दे पाए। जीएम वानी ने कहा कि कश्मीर में फ़ोन नेटवर्क बंद होने की वजह से कश्मीरी जो यहां शिमला में रह रहे है ना तो अपने घर परिवार से बात कर पा रहे है ना ही उनकी सलामती की ख़बर उन्हें मिल पा रही है।


नाहन में ईद की नमाज मस्जिदों में अदा की गई। बकरीद के मौके पर शहर की विभिन्न मस्जिदों में हजारों लोगों ने एक साथ देश व प्रदेश में अमन चैन के लिए हाथ उठाए। इस दौरान मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे को गले लगा कर ईद की मुबारकबाद दी। अंजुमन इस्लामिया नाहन के अध्यक्ष याकूब बेग ने बताया कि ईद-उल-अजहा कुर्बानी का प्रतीक है वह पूरे धार्मिक भावना के साथ मनाया जाता है। बकरीद देश पर कुर्बानी समाज के लिए कुर्बानी देने का संदेश देती है।

हमीरपुर में अल्लाह से मांगी अमन व शांति की दुआएं

हमीरपुर। शहर के साथ लगते शस्त्र, बुरनाड गांवों की मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद उल जुहा का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया। इस मुबारक मौके पर जहां नमाज अदा की गई, वहीं अल्लाह से अमन व शांति की दुआएं भी मांगी गईं। सुबह से ही शहर व अन्य राज्यों से काम करने आए मुस्लिम समुदाय के लोगों नें ईद की नमाज अदा की। मौलाना का कहना है कि दुनिया की कोई भी कौम कुर्बानी के बिना जिंदा नहीं रह सकती। लिहाजा कुर्बानी का ये पर्व अल्लाह की इबादत करने और इंसानी भाईचारे और इंसानी मोहब्बत का पैगाम लेकर आता है।

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