सहकारी बैंकों में भ्रष्टाचार पर होगी एफआईआर

बैंक को अपनी राशि वसूलना हुआ टेढ़ी खीर

सहकारी बैंकों में भ्रष्टाचार पर होगी एफआईआर

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शिमला। प्रदेश के सहकारी बैंकों( Co-operative banks) में हुई अनियमित्ताओं और भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए जल्द ही एफआईआर( FIR) दर्ज होगी। हाल ही में स्टेट विजिलेंस( State Vigilance) ने गृह विभाग से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी, जिसे विभाग ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में जांच में तेजी लाने के लिए विजिलेंस जल्द ही एफआईआर दर्ज करेगी। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक( KCCB) और राज्य सहकारी बैंक में अनियमित्ताओं का आरोप बीजेपी (BJP) की चार्जशीट में लगे हैं।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व कांग्रेस सरकार ( Congress government) के समय में कांगड़ा केद्रीय सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमिताएं बरतने से जुड़े कथित आरोपों की प्रारंभिक जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। विजिलेंस जांच में सामने आ रहा है कि बैंक ने कर्ज आवंटन के मामलो में जानबूझ कर नियमों की अनदेखी की, बल्कि ऋण देने के लिए तैयार किए दस्तावेजों में भी हेराफेरी कर दी।

 

यही नही जांच में ये भी उभर कर आ रहा है कि बैंक प्रबंधन राज्य से बाहर की लाखों की संपत्ति का मूल्यांकन करोड़ों रुपये में कर दिया और संपत्तियों को अपने पास गिरवी रखकर ऋण स्वीकृत कर दिए। अब बैंक को अपनी राशि वसूलना टेढ़ी खीर हो गया है। सूत्रों के अनुसार बैंक के नियमों के तहत ऋण देने के लिए राज्य से बाहर किसी भी संपत्ति को मॉरगेज नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन ( Bank management) ने बाहरी राज्यों में स्थित संपतियों के नाम पर ऋण दिया।

इतना ही नहीं संपति का मूल्यांकन भी करोड़ों में कर दिया गया। बताया गया कि विजिलेंस ने बैंक में हुई भर्तियों को भी रिकार्ड खंगाल ली है। इसके साथ-साथ राज्य सहकारी बैंक से जुड़े कथित आरोपों की जांच भी विजिलेंस कर रही है। पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुई भर्तियों में चहेतों को लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।

सूत्रों की माने तो जांच एजेंसी जल्द ही एफआईआर दर्ज कर उन तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारियों में है, जिन्होंने ऋण देने के लिए तैयार किए जाने वाले दस्तावेजों में जानबूझ कर हेराफेरी की है। इसके साथ-साथ राज्य सहकारी बैंक में हरियाणा राज्य के कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का भी आरोप हैं। स्टेट विजिलेंस ने बीजेपी चार्जशीट में लगे आरोपों की जांच में तेजी ला दी है।

बिवरेजिस कारपोरेशन केस में जांच की मंजूरी

प्रदेश गृह विभाग ने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्थापित बिवरेजिज कारपोरेशन मामले की जांच में एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। विजिलेंस ने इस मसले पर हाल ही में गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। हालांकि वर्तमान की जयराम सरकार ने इस कारपोरेशन को खत्म कर दिया है, लेकिन पूर्व में हुई करोड़ों की अनियमित्ताओं की जांच में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक स्टेट विजिलेंस अब कभी भी एफआईआर दर्ज कर जांच में तेजी लाएगी।

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