धर्मशाला अंडर ग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट में गड़बड़झाला, ऐसे हुआ खुलासा!

कंपनी ने देने थे दो ट्रक, दिया एक, जब खराब हुआ ट्रक तो चला पता

धर्मशाला अंडर ग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट में गड़बड़झाला, ऐसे हुआ खुलासा!

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धर्मशाला। नगर निगम (Municipal Corporation) ने दावा तो यह किया था कि सड़क के ऊपर न ही डस्टबिन (Dustbin) दिखाई देगा और न ही कचरा। इन स्थानों पर दिखेगा तो एक बॉक्स। जो लेटर बॉक्स जैसा होगा। इन सभी स्थानों पर यह दो बॉक्स नजर आएंगे। एक बॉक्स में गीला और दूसरे में सूखा कचरा डाला जाएगा। लेकिन, हुआ इसके विपरीत। नगर निगम ने 14 करोड़ रुपए खर्च करके शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और अंडर ग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट (Under Ground Dustbin Project) शुरू तो किया था, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट सिर्फ सफेद हाथी बन कर रह गया है। यही नहीं अंडर ग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है।


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इस गड़बड़झाले का खुलासा तब सामने आया जब अंडर ग्राउंड डस्टबिन को खाली करने वाला ट्रक खराब हो गया। पिछले पांच दिन से ट्रक के खराब होने के चलते शहर के डस्टबिन खाली नहीं हुए। धर्मशाला शहर में अंडर ग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट का काम करने वाली जर्मनी (Germany) की बॉएर कंपनी ने कॉन्ट्रेक्ट की शर्तों के अनुसार धर्मशाला नगर निगम (Dharamshala Municipal Corporation) को ऐसे दो ट्रक उपलब्ध करवाने थे। लेकिन, संबंधित कंपनी ने नगर निगम को एक ट्रक ही उपलब्ध करवाया। इस ट्रक की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक है। लेकिन, न तो नगर निगम प्रशासन ने कंपनी को दूसरे ट्रक के लिए कोई नोटिस जारी किया और न ही कंपनी को इस संबंध में सूचित किया।

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नगर निगम प्रशासन ने संबंधित कंपनी को दो ट्रकों (Truck) का भुगतान किया तो एक ही ट्रक क्यों लिया गया। कंपनी ने भुगतान लेने के बाद भी एक ट्रक को नगर निगम प्रशसन के नाम हस्तांतरित ही नहीं किया था। कुछ दिन पूर्व जब यह मामला गर्माने लगा तो कंपनी ने ट्रक की आरसी एक माह पूर्व निगम प्रशासन के नाम की। नगर निगम प्रशासन ने जून 2017 से कंपनी को इस प्रोजेक्ट का जिम्मा सौंपा था। ऐसे में पिछले दो वर्षों से ट्रक के ड्राइवर (Truck Driver) की सैलरी व डीजल का खर्चा निगम प्रशासन किस अकाउंट से करता रहा। इन प्रोजेक्टों के बावजूद धर्मशाला शहर में गंदगी की भरमार है और शहर में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। बॉएर कंपनी धर्मशाला के प्रबंधक अभिषेवह मिश्रा के मुताबिक धर्मशाला नगर निगम क्षेत्र में 103 लोकेशन में हमारी कंपनी ने अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए हैं। लेकिन, इनको खाली करने का कॉन्ट्रेक्ट जून 2017 से नगर निगम प्रशासन नहीं किया है।

अधिकारियों ने विदेश की सैर तो की, पर प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया

जर्मनी की बॉएर कंपनी ने धर्मशाला नगर निगम में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले नगर निगम अधिकारियों को अपने खर्च पर जर्मनी की सैर भी करवाई थी। बावजूद इसके न तो अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान दिया और न ही दूसरी औपचारिकता पूरी की गई। अंडर ग्राउंड डस्टबिन के निरंतर खाली न होने के कारण सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे दिखाई देते हैं।

क्या कहते हैं नगर निगम के अधिकारी

कमिश्नर धर्मशाला नगर निगम धर्मशाला प्रदीप ठाकुर ने कहा कि शहर में अंडर ग्राउंड डस्टबिन खाली नहीं हो रहे हैं, इसकी शिकायतें मिली हैं। ट्रक खराब होने के कारण यह समस्या पैदा हुई थी। अब ट्रक को रिपेयर करवाने के आदेश दिए हैं। संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि को भी बुलाया गया है। कॉन्ट्रेक्ट की शर्तों के अनुसार कंपनी को कार्य करना होगा। कंपनी को शीघ्र ही नोटिस जारी किया जाएगा। मेयर धर्मशाला नगर निगम दविंदर जग्गी ने कहा कि धर्मशाला शहर में अंडरग्राउंड डस्टबिन को प्रोजेक्ट जिस कंपनी को दिया था, उस कंपनी को पांच वर्ष तक इस प्रोजेक्ट को चलाना है। कंपनी ने निगम को दो ट्रक देने थे, लेकिन एक ट्रक ही दिया गया। जब यह खराब हुआ तो इसको रिपेयर का मामला सामने आया। ट्रक को तत्काल रिपेयर करवाने के लिए राशि स्वीकृत कर दी है।

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