लीची के चमकी बुखार से कनेक्शन पर क्या बोला हिमाचल बागवानी विभाग, जानें

हिमाचल बागवानी विभाग ने अटकलों का किया खंडन

लीची के चमकी बुखार से कनेक्शन पर क्या बोला हिमाचल बागवानी विभाग, जानें

- Advertisement -

शिमला। प्रदेश के बागवानी विभाग (Horticulture Department) ने सोशल मीडिया (Social Media) पर लीची (Lychee) फल के सेवन से बीमार होने को लेकर जरी अटकलों का खंडन करते हुए कहा है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल एक दुष्प्रचार है। विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि आजकल सोशल मीडिया (Social Media) में बिहार में बच्चों में ‘चमकी बुखार (Chamki Fever) (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) के मामलों को लीची (Lychee) खाने से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है।


यह भी पढ़ें: दुबई और मुंबई से खुश होकर शिमला लौटे जयराम, जानिए कारण

जबकि लीची विशेषज्ञों के अनुसार लीची एक पौष्टिक फल है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है और खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। बिहार राज्य लीची (Lychee) उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, जहां देश का 60 प्रतिशत लीची (Lychee) उत्पादन होता है। इसके साथ-साथ इस फल की कृषि पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडू, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों में भी होती है।

उन्होंने कहा कि चमकी बुखार (Chamki Fever) का मुख्य क्षेत्र बिहार अवश्य है, जहां बड़ी संख्या में बच्चों की मौते हुई हैं, लेकिन यदि लीची खाने के कारण ऐसा होता तो अन्य लीची उत्पादक राज्यों से भी इस प्रकार की घटना का समाचार होता। भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के अनुसार लीची में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व नहीं पाए जाते हैं।

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में उत्पादित लीची का किसी भी प्रकार से उक्त चमकी बुखार (Chamki Fever) से कोई संबंध नहीं है। इन प्रदेशों के लीची फलों में भी किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व नहीं पाए जाते बल्कि यह फल खाने में पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक है तथा खाने वाले को किसी भी प्रकार की बीमारी उत्पन्न नहीं करता।


प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 5875 हैक्टेयर क्षेत्र में बागीचे हैं, जिनमें से अकेले ज़िला कांगड़ा में 3303 हेक्टेयर क्षेत्र लीची (Lychee) के अंतर्गत है। प्रदेश में कुल 5467 टन लीची फल का उत्पादन होता है और ज़िला कांगड़ा सभी जिलों में आगे 3817 टन लीची (Lychee) फल उत्पादन करता है। अतः लीची से भयभीत न हों, अधिक-से-अधिक लीची (Lychee) उगाएं, अच्छा पोषण पाएं और अपनी आय भी बढ़ाएं।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook. Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

Delhi के टैक्सी ड्राइवर की Manali में गई जान, जांच में जुटी पुलिस

बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद Solan पहुंचे बिंदल, कहीं यह बात

जयराम के हाथ बढ़ाने, Anurag के हाथ न मिलाने के पीछे आखिर क्या है सच-वीडियो

ऊना अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की गई जान, परिजनों का हंगामा

Air India ने धर्मशाला-चंडीगढ़ की फ्लाइट के किराए में की कटौती

BJP अध्यक्ष बनने के बाद जोश में बिंदल, जोशीले अंदाज में कार्यकर्ताओं को नमन

आखिर किससे आजाद हुए डॉ. राजीव बिंदल, सुने Jai Ram की जुबानी

Pictures: शुभकामना संदेश तक सिमट गए Dhumal-Shanta,बिंदल की ताजपोशी के नहीं बने गवाह

CAA पर शांता बोले- विपक्ष को आंदोलन भड़काने में क्या शर्म नहीं आती

कारीगरीः कार मैकेनिक ने ठीक कर दी Mandi के ऐतिहासिक घंटाघर की घड़ियां

मां बनने के बाद सानिया की कोर्ट पर शानदार वापसी, जीता खिताब

ब्रेकिंग: Bindal बने हिमाचल BJP के अध्यक्ष, आधिकारिक घोषणा के साथ ही खूब गूंजे नारे

Bindal की ताजपोशी से पहले पीटरहॉफ का माहौल भगवा हुआ, नाटियों के बीच जश्न

गश्त के दौरान पुलिस टीम ने Charas के साथ धरा लवांजी निवासी

केरल के लोगों ने Rahul Gandhi को चुनकर भयानक गलती की : रामचंद्र गुहा

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

HP : Board

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है