स्कैब रोग प्रभावित क्षेत्रों में उद्यान अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, बागवानों की सहायता करने के निर्देश

स्कैब रोग को नियंत्रण करेगी बागवानी निदेशालय की समिति

स्कैब रोग प्रभावित क्षेत्रों में उद्यान अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, बागवानों की सहायता करने के निर्देश

- Advertisement -

शिमला। प्रदेश के कुछ सेब उत्पादक क्षेत्रों में स्कैब रोग के लक्षण पाए जाने के बाद बागवानी विभाग ने इस परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। स्कैब रोग प्रभावित क्षेत्र के उद्यान अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि बागवानों को तुरन्त आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। बागवानी विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यद्यपि विभाग हर वर्ष डा.वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के सहयोग से सेब स्केब रोग छिड़काव सारणी विभाग तैयार करवाता है, जिसके अनुसार आवश्यक दवाइयों का वितरण समय रहते किया जाता है। लेकिन प्रत्येक सावधानियों के बावजूद इस वर्ष कुछ क्षेत्रों में इस रोग के लक्षण सामने आए हैं।


यह भी पढ़ें: जयराम का दुबई में रहने वाले हिमाचलियों से प्रदेश के विकास में सहयोग का आहवान

 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष फरवरी माह से ही प्रभावित क्षेत्रों में उच्च आर्द्रता का वातावरण बना हुआ है जिससे इस रोग के बीजाणु पनप रहे हैं। यही कारण है कि प्रत्येक सावधानी के बावजूद सेब के पौधों पर इस रोग के लक्षण पाए गए हैं। बागवानी विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए निदेशालय स्तर पर एक समिति का गठन किया है जो इस रोग के नियंत्रण के लिए उपयोग की जाने वाली आवश्यक दवाइयां को प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति एवं वितरण पर निगरानी रखेगी। इसके अतिरिक्त इस रोग की रोकथाम के लिए बागवानी विश्वविद्यालय के विज्ञानी व विभाग के अधिकारी जागरूकता शिविर लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों एवं बागवानों को सलाह दी गई है कि स्कैब रोग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में बागवानी विभाग की ओर से सुझाई गई छिड़काव सारिणीअनुसरण करें। विभाग ने सलाह दी है कि अखरोट के आकार के सेब पर मैनकोजेब या प्रोपिनेब या डोडिन अथवा माईक्लोबुटानिल का छिड़काव करें। इसके अलावा टेबुकोनाजोल आठ प्रतिशत व कैप्टान 32 प्रतिशत एससी अथवा मेटीराम 55 प्रतिशत व पायराक्लोस्ट्रोबिन पांच प्रतिशत का छिड़काव भी किया जा सकता है।इसके बीस दिन के उपरान्त टेबुकोनाजोल 50 प्रतिशत व ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी, प्रोपिनेब या जीनेब का छिड़काव करें।

फल तोड़ने से 20-25 दिन पूर्व कैप्टान या जिरम अथवा मैटीराम 55 प्रतिशत व पायराक्लोस्ट्राबिन पांच प्रतिशत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि अधिक वर्षा के कारण फफूंदीनाशक दवाइयां जल्दी घुल सकती हैं और उनका असर भी कम हो जाता है। इसलिए छिड़काव घोल तैयार करते समय उसमें स्टीकर का प्रयोग आवश्यक है। इसके अतिरिक्त यह भी सलाह दी गई है कि अगर छिड़काव के एक-दो घंटे बाद बारिश हो जाती है तो दूसरे दिन फिर छिड़काव करें।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook. Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

कुल्लू में हमीरपुर नंबर की गाड़ी से 340 ग्राम चरस बरामद, 6 युवक धरे

चंबाः बनीखेत में महिला टीचर ने फंदा लगाकर दी जान, ऊना की थी रहने वाली

कांगड़ा के गगल में घर में लगी आग, लाखों का हुआ नुकसान

आईआईटी प्रशिक्षुओं से बोले राज्यपाल, नौकरी पर न रहें निर्भर, लगाएं उद्योग

First Hand: अध्यक्ष पद से हटने के बाद क्या करेंगे BJP प्रदेशाध्यक्ष सत्ती, स्वयं बता दिया वीडियो में

जामिया के छात्रों का उग्र प्रदर्शन : तीन बसों में लगाई आग, एक कर्मचारी घायल

नागरिकता क़ानून पर पीएम मोदी का बयान, कहा- कपड़े बताते हैं आग लगाने वाले कौन हैं

मनाली गोलीकांड से गुस्साए होमगार्ड जवानों ने किया सुंदरनगर में प्रदर्शन

ओटीआर के आश्वासन के बाद पोस्ट कोड 556 के रिजेक्ट अभ्यर्थियों का धरना समाप्त

सरकारी नौकरी : जल्दी करें हाईकोर्ट में स्टेनो टाइपिस्ट के पदों पर बंपर भर्ती

मौसम ने बदली करवटः राजधानी में हुआ सीजन का दूसरा हिमपात

पुलिस ने 1440 नशीले कैप्सूल के साथ धरा नशा तस्कर

लाखों की ऑनलाइन ठगी के मामले में कुल्लू पुलिस ने झारखंड से पकड़ा शातिर

जूते चुराने की रस्म पर भड़का दूल्हा, घर वालों को कहे अपशब्द, दुल्हन ने तोड़ी शादी

लड़कियों की स्टेट जूनियर हॉकी चैंपियनशिप 20 से,तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है