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Rathore का वार- मजबूती से पक्ष नहीं रख पाई जयराम सरकार, केंद्र के दबाव में खोली सीमाएं

Rathore का वार- मजबूती से पक्ष नहीं रख पाई जयराम सरकार, केंद्र के दबाव में खोली सीमाएं

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शिमला। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर (Kuldeep Rathore) ने कहा कि जयराम सरकार (Jai ram Govt) केंद्र के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पाई। केंद्र के दबाव में आकर हिमाचल की सीमाएं खोली गई हैं। हिमाचल के पहाड़ी और पर्यटक राज्य है, ऐसे में बॉर्डर (Border) ओपन करना कहीं भारी ना पड़ जाए। राठौर यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में लॉकडाउन (Lockdown) असफल रहा है। अनलॉक की भी कोई प्लानिंग नहीं है। हिमाचल में एक समय कोरोना (Corona) शून्य में पहुंचने वाला था। फिर एकदम कोरोना के मामलों में उछाल आया। इसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। जिस ढंग से बाहर से लोग आए उन्हें बिना की मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत लाया गया। अब स्थिति इसलिए भी भयानक है कि केंद्र के निर्देश पर अब हिमाचल की सीमाएं खोल दी गई हैं। सीमाएं खोलने का फरमान केंद्र सरकार का तुगलकी फरमान है।

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बॉर्डर से बिना अनुमति बजौरा तक कैसे पहुंच गए पर्यटक

पर्यटकों के लिए हिमाचल के दरवाजे खोलने को लेकर उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में गाड़ियां हिमाचल में प्रवेश की हैं। सैकड़ों गाड़ियां रोज बाहर के प्रदेशों से आ रही हैं। कांग्रेस को पर्यटकों (Tourists) के हिमाचल आने में कोई आपत्ति नहीं है। पर सरकार यह बताए की उसके पास योजना क्या है। हिमाचल का रहने वाला कोई अगर बाहरी राज्यों से अपने घर आएगा तो उसे 14 दिन क्वारंटाइन (Quarantine) में रहना होगा, लेकिन पर्यटकों पर यह पाबंदी लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि कुल्लू (Kullu) के बजौरा में पर्यटक बिना किसी अनुमति के पहुंच गए। सवाल यह है कि यह बॉर्डर क्रॉस करके बजौरा तक कैसे पहुंचे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र असुरक्षित हो गए हैं। अब तक हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना नहीं पहुंचा है, लेकिन अब स्थिति भयानक हो सकती है। हिमाचल में होम स्टे में भी काफी संख्या में लोग ठहरे हुए हैं। इस पर भी सरकार को कोई चेक नहीं है।

सरकार बुलाती विधानसभा का सत्र या फिर सर्वदलीय बैठक

राठौर ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोग व व्यापारी भी विरोध कर रहे हैं। फिर सरकार को क्या जरूरज आन पड़ी की पर्यटकों के लिए बॉर्डर खोल दिए। बॉर्डर पर कर्मचारियों की संख्या कम है। हजारों की संख्या में लोग आ रहे हैं, कैसे प्रोटोकाल फोलो कर सकते हैं। सरकार को चाहिए था कि विधानसभा का सत्र (Vidhan sabha Session) बुलाती या फिर सर्वदलीय बैठक में चर्चा करती। इसके अलावा पर्यटन गतिविधियों से जुड़ै लोगों, व्यापारियों, पंचायत प्रधानों और जिला परिषद सदस्यों से बात करती इसके बाद ही पर्यटकों के लिए हिमाचल के दरवाजे खोलने का फैसला लेती। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो कांग्रेस (Congress) चुप बैठने वाली नहीं है। वहीं उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की कोरोना के साथ जीने की बात पर कहा कि यह वास्तव में कोरेना के साथ जीना नहीं, उसका बिल्कुल उल्टा है, कोरोना से ही मरना है। सरकार को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

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