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Eco Tourism को बढ़ावा देने के प्रयास, Free में पारंपरिक खाना खिलाएगा Forest Dept

Eco Tourism को बढ़ावा देने के प्रयास, Free में पारंपरिक खाना खिलाएगा  Forest Dept

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वी कुमार/मंडी। प्रदेश का वन विभाग Eco Tourism  को बढ़ावा देने के लिए कई नए प्रयास करने जा रहा है। Eco Tourism  के तहत जो पर्यटक यहां घूमने आएंगे, वन विभाग उन्हें एक दिन के पारंपरिक व्यंजन अपनी तरफ से निःशुल्क खिलाएगा। वन विभाग Eco Tourism  के तहत प्रदेश की प्राचीन झलक को दिखाने के प्रयास में है। गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश की वन संपदा प्रकृति का वो अनमोल तोहफा है, जिसे करीब से देखने और यहां रहने की चाह लिए लोग बरबस ही खिंचे चले आते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्य ही रहा है कि इस अनमोल खजाने का सही इस्तेमाल करके राज्य सरकार कभी अपने खजाने को नहीं भर पाई। हालांकि प्रदेश में Eco Tourism  की पॉलिसी कई वर्ष पहले बन चुकी है, लेकिन इसे मात्र पॉलिसी तक ही सीमित रखा गया जमीनी स्तर पर वो काम नहीं हो सका जो होना चाहिए था। अब जयराम सरकार भी इस Eco Tourism  को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।


नया ड्राफ्ट तैयार करने जा रही सरकार 
मौजूदा सरकार इस पॉलिसी का एक नया ड्राफ्ट तैयार करने जा रही है। इसके तहत अब Eco Tourism  को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं और कई नई योजनाएं जोड़ी जा रही हैं। वन विभाग  Eco Tourism के तहत होने वाले सभी निर्माण कार्यों में हिमाचल की प्राचीन झलक को दिखाने का प्रयास करने जा रहा है।  Eco Tourism  के तहत चाहे कोई पार्क बनाना हो या फिर किसी रेस्ट हाउस का निर्माण करना हो, इसमें प्रदेश की प्राचीन निर्माण शैली का इस्तेमाल किया जाएगा। यही नहीं वन विभाग ईको टूरिज्म के तहत प्रदेश में तीन दिन का भ्रमण करने के लिए आने वाले लोगों को यहां के पारंपरिक व्यंजन भी खिलाने जा रहा है। तीसरे दिन का भोजन वन विभाग की तरफ से निशुल्क दिया जाएगा।

जहां जाएंगे सैलानी वहां का पारंपरिक व्यंजन परोसा जाएगा
वन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर ने बताया कि पर्यटक जिस भी जिला में रहेगा, वहां के जो भी पारंपरिक व्यंजन होंगे वह मुहैया करवाए जाएंगे। यही नहीं वन विभाग देश और विदेश में ऐसे पर्यटकों को भी विशेष तौर पर यहां आमंत्रित करेगा जो प्रकृति से प्रेम करते हैं। जिन लोगों को पर्यावरण पंसद है, पक्षियों से प्रेम से, नदी-नालों की चाहत है, पहाड़ देखना चाहते हैं, हरी-हरी घास पर चलना चाहते हैं, बर्फ में खेलना चाहता है या फिर पेड़-पौधों के बीच रहना चाहते हैं, ऐसे सभी पर्यटकों को विशेष तौर पर निमंत्रण का प्रावधान किया जाएगा। वन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर का स्पष्ट कहना है कि ईको टूरिज्म के तहत पर्यावरण संरक्षण होगा लेकिन इससे छेड़छाड़ को बिल्कुल भी बर्दाशत नहीं किया जाएगा। अभी वन विभाग इन सब बातों को लेकर योजनाएं बना रहा है और इंतजार उस समय का रहेगा जब यह बातें धरातल पर नजर आएंगी। क्योंकि यहां प्रकृति की सुंदरता तो अपार है लेकिन इसका सही दोहन करने की सिर्फ बातें ही होती हैं।

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