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हिमाचल का युवक बनना चाहता है तिहाड़ जेल में जल्लाद, राष्ट्रपति को लिखा पत्र

हिमाचल का युवक बनना चाहता है तिहाड़ जेल में जल्लाद, राष्ट्रपति को लिखा पत्र

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नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का राजधानी शिमला के रवि कुमार ने राष्ट्रपति कोविंद को दिल्ली की तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में अस्थायी जल्लाद (temporary executioner) के रूप में नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में शिमला के सामाजिक कार्यकर्ता और सब्जी विक्रेता रवि कुमार  ने लिखा है, मुझे जल्लाद नियुक्त करें ताकि निर्भया कांड के दोषियों को जल्द ही फांसी दी जा सके और उसकी आत्मा को शांति मिल सके।

रवि कुमार ने चिट्ठी में लिखा कि उन्हें जानकारी मिली है कि तिहाड़ जेल फांसी देने के लिए जल्लाद नहीं है, जिसके चलते निर्भया केस के दोषियों को फांसी नहीं दी जा रही है। इस घटना को पूरे सात साल गुजर गए हैं। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने फांसी की सजा सुनाई है। एक तरफ पूरा देश निर्भया के दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहा है, दूसरी तरफ, देश की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल प्रशासन के पास जल्लाद नहीं है। रवि कुमार ने राष्ट्रपति से मांग की है कि उन्हें तिहाड़ जेल में स्थाई जल्लाद की नियुक्ति दी जाए, ताकि इंसाफ के लिए तरस रही निर्भया की आत्मा को शांति मिल सके।


बता दें कि निर्भया गैंगरेप के दोषियों के पास अब कानूनी उपाय बहुत कम रह गए हैं और उनकी फांसी की डेट कभी भी करीब आ सकती है। लेकिन तिहाड़ प्रशासन को इस वक्त चिंता है कि उनके पास निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए कोई जल्लाद उपलब्ध नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि 1 महीने में फांसी की तारीख आ सकती है, इसलिए जेल प्रशासन इसके इंतजाम को लेकर चिंतित हैं। मिली जानकारी के अनुसार जेल प्रशासन फांसी देने के लिए जरूरी विकल्पों पर काम कर रहा है। अगले एक महीने में कभी भी फांसी की तारीख आ सकती है। दोषियों को कोर्ट द्वारा ब्लैक वॉरंट जारी किए जाने के बाद किसी भी दिन फांसी पर चढ़ाया जा सकता है। राष्ट्रपति अगर निर्भया के दोषियों की दया याचिका खारिज कर देते हैं तो वॉरंट जारी किया जाएगा, जिसके बाद फांसी की तारीख तय होगी। इससे पहले आखिरी बार संसद पर हमलों के दोषी अफजल गुरु को तिहाड़ में फांसी दी गई थी। अफजल को फांसी पर चढ़ाने से पहले जेल की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अफजल की फांसी में जेल के ही एक कर्मचारी ने फंदा खींचने के लिए सहमति दे दी थी। सूत्रों का कहना है कि जल्लाद की कमी को देखते हुए अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर दूसरे जेलों से भी जल्लाद को लेकर चर्चा की है।

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