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Budget session: बाहर ठंडक, अंदर तपा सदनः Dharamshala पर खूब हुआ शोर-शराबा

Budget session: बाहर ठंडक, अंदर तपा सदनः Dharamshala पर खूब हुआ शोर-शराबा

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लोकिन्दर बेक्टा/शिमला।  राजधानी की फिजाओं में ठंडक और अंदर सदन खूब तपा। मुद्दा था धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा देने का। पहली राजधानी में आज दूसरी राजधानी के मुद्दे पर खूब शोर-शराबा हुआ। विपक्ष ने इस मामले में सीएम वीरभद्र सिंह पर कई सवाल दागे। सीएम ने भी बड़ी बेबाकी से विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। सीएम ने  सदन में कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिया है। इस फैसले से बीजेपी में बैचेनी है कि उन्होंने यह फैसला क्यों नहीं लिया। उनका कहना था कि धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा और इसकी शुरुआत भी उन्होंने ही की थी। सीएम ने कहा कि धर्मशाला में जितने भी नए कार्यालय खोले गए, वे सब कांग्रेस की सरकार ने ही खोले हैं और धर्मशाला के बढ़ते महत्व को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।  विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के उत्तर के दौरान सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने के पीछे एक ही उद्देश्य है कि इसका काफी विस्तार हुआ है और यह बड़ा नगर बना है। इसके पीछे और कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है।


  • विपक्ष ने सीएम पर दागे कई सवाल, सीएम ने भी बेबाकी से दिया जवाब
  • सीएम बोले, फैसले से बीजेपी में बैचेनी कि उन्होंने यह फैसला क्यों नहीं लिया
  • बीजेपीः सिर्फ घोषणा करने से कुछ नहीं होता, सचिवालय शिफ्ट करो, निदेशालय खोलो

इस पर बीजेपी सदस्य रविंद्र रवि ने कहा कि सिर्फ घोषणा करने से कुछ नहीं होता। वहां पर सचिवालय को शिफ्ट करो और वहां निदेशालय खोलो। उन्होंने कहा कि जेएंडके की तर्ज पर वहां पर 6 माह दरबार शिफ्ट हो। इसके बाद मानेंगे कि वहां को राजधानी शिफ्ट हुई है। इस पर सीएम ने कहा कि वहां पर विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा और वहां पर कई बड़े कार्यालयों को खोला गया है।  सीएम के रिप्लाई के बाद सुरेश भारद्वाज ने सवाल किया कि राजधानी को लेकर सीएम स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि क्या धर्मशाला में रहने वाले कर्मचारियों को वे सभी भत्ते मिलेंगे जो यहां मिलते हैं। इसके साथ-साथ क्या वहां सचिवालय भी शिफ्ट होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिमला के साथ भेदभाव किया है। पहले स्मार्ट सिटी शिमला से छीनकर धर्मशाला को ले गए और अब राजधानी धर्मशाला ले जा रहे हैं। जबकि अंग्रेजों के समय यहां से कई देशों की सरकार चलती थी। इसके साथ-साथ पंजाब के वक्त और जब हिमाचल बना, तब से यही राजधानी है। उन्होंने सीएम से यह भी जानना चाहा कि राज्य पर कितने करोड़ का कर्ज है और क्या राजधानी बनाने के लिए और कर्ज लिए जाएंगे। इस पर सीएम ने कहा कि शिमला प्रदेश की फुल फ्लैज्ड राजधानी है और सदा रहेगी। धर्मशाला में केवल शीतकालीन सत्र ही होगा। उन्होंने कहा कि शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रोजेक्ट हिमाचल सरकार का नहीं, केंद्र का है। उन्हें उम्मीद है कि शिमला को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलेगा और इस दिशा में कार्य हो रहा है।
आर्थिक हालात ने रोका बेरोजगारी भत्ता
सीएम ने कहा कि सरकार ने अपने चुनावी मेनीफेस्टो के अनुरूप कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सदस्य कह रहे थे कि इसे लागू नहीं किया है। यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार मेनीफेस्टो को 100 फीसदी लागू नहीं कर सकती। सरकार ने 99 फीसदी मेनीफेस्टो लागू किया है और एक प्वाइंट रहा है और वह बेरोजगारी भत्ते का है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक कारण से इस वादे को पूरा नहीं किया। राज्य की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि इसे लागू किया जा सके। कोई भी सरकार ऐसे वादे को पूरा करने से पहले अपने खजाने को देखेगी। उनका कहना था कि बेरोजगारी भत्ते से अहम यह है कि युवाओं के हुनर को तराश कर उन्हें रोजगार के लायक बनाया जाए।  वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे बेरोजगारी भत्ते के वादे को भूले नहीं हैं। जब भी अवसर आएगा, संसाधन होंगे, इसके लिए अलग से धन का प्रावधान कर पाएंगे, तो इस वादे को भी पूरा करेंगे। उनका कहना था कि वित्तीय स्थिति के कारण वे आजतक इस वादे को पूरा नहीं कर पाए और अभी उनकी इस सरकार का कार्यकाल एक वर्ष का है और मेनीफेस्टो 5 वर्ष के लिए है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तिय स्थिति ठीक होगी तो इसे भी लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि अभी उनकी इस सरकार का एक वर्ष है और इसके बाद जब चुनाव होंगे तो भी कांग्रेस ही फिर से सत्ता में आएगी।

सीएम ने विपक्ष के उस आरोप का भी खुलकर जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जगह-जगह कालेज खोले और तहसील और सब तहसील खोली। सीएम ने कहा कि सरकार ने जो संस्थान खोले हैं वे जनता की मांग पर खोले हैं और यदि सदस्यों को यह ठीक नहीं लग रहा तो वे बताएं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को चुनौती दी कि जिस सदस्य के हलके में उन्होंने जो संस्थान खोलने की घोषणा की है, यदि वे नहीं चाहिए तो वे लिखित में दें। वे कल ही इसकी अधिसूचना जारी करवा देंगे। कर्मचारियों को क्या किया जा रहा है और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए क्या हो रहा है, उसके लिए सदस्य बजट का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है और पंजाब के साथ लगते इलाकोॆं में ऐसे घरों को तोड़ा गया है जहां से हिमाचल को इसकी सप्लाई होती थी।

समारोह में न बुलाने पर सरवीन चौधरी ने जताया एतराज

विधानसभा में आज बीजेपी सदस्य सरवीन चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हो रहे कार्यक्रम में सदन में चुनकर आई तीन सदस्यों को न बुलाने पर एतराज जताया। उन्होंने  कहा कि आज यहां महिला दिवस पर समारोह हो रहा है, लेकिन सरकार ने उन्हें इस समारोह में आमंत्रित नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। सदन में तीन ही  महिलाएं जीतकर आई हैं और उन्हें ही नहीं बुलाया। इस पर कांग्रेस सदस्य आशा कुमारी ने कहा कि उन्हें भी इस समारोह के लिए नहीं बुलाया गया है और वे भी नहीं बैठी हैं। आशा  कुमारी ने कहा कि वे भी उनके साथ इस संबंध में अपना प्रोटेस्ट लॉज करती हैं।

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