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Budget Session: NGT के आदेश के खिलाफ Supreme Court जाएगी Govt

शहरी भवनों के नियमितिकरण पर हाईकोर्ट में दायर करेंगे  

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शिमला। शहरी विकास मंत्री सरवीन चौधरी ने  vidhansabha में कहा कि NGT के शिमला नगर निगम और प्लानिंग एरिया को लेकर आए आदेश के खिलाफ सरकार अब Supreme Court  जाएगी। इसके अलावा भवनों के नियमितिकरण को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ सरकार फिर हाईकोर्ट जाएगी।
वे कांग्रेस सदस्य अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह के सवाल के जवाब में बोल रही थी। इन दोनों सदस्यों का सवाल था कि NGT द्वारा शिमला नगर निगम और प्लानिंग एरिया में भवनों के निर्माण पर क्या रोक लगा रखी है। साथ ही पूछा कि क्या इस पर सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करने का विचार रखती है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि राज्य में बने भवनों के नियमितिकरण को लेकर पूर्व सरकार द्वारा लाई गई पालिसी को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। उधर, NGT पर सरवीन चौधरी ने कहा कि इसे लेकर सरकार ने NGT में रिव्यू पिटीशन दायर की थी। लेकिन वहां पर फुल बैंच न होने के कारण कल इसकी सुनवाई नहीं हो पाई थी। NGT में दो सदस्य नहीं है। इसे देखते हुए अब सरकार Supreme Court  में जा रही है। सरकार ने राज्य में कम से कम चार मंजिला भवन के निर्माण की इजाजत मांगी है।

NGT में कांग्रेस सरकार ने नहीं रखा सही पक्ष

इस दौरान सरवीन चौधरी ने पूर्व कांग्रेस सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में NGTमें राज्य सरकार का पक्ष सही तरीके से नहीं रखा गया। पूर्व सरकार ने पिनाकी मिश्रा को वहां तैनात किया गया था, लेकिन उन्होंने वहां कोई पक्ष नहीं रखा। उन्होंने कहा कि इन्हें सरकार ने 36 लाख रूपए फीस दी, लेकिन उन्होंने 36 शब्द भी नहीं बोले। यही नहीं, एडवोकेट जनरल ने भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई।

भलेई और तेलका कालेजों के लिए कांग्रेस ने एक-एक लाख दिए थे

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने vidhansabha में जानकारी दी कि डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व सरकार के समय भलेई और दूसरा तेलका में खोलने का निर्णय लिया गया था। इन दोनों के लिए 5-5 करोड़ की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल दी गई, लेकिन वास्तव में 1-1 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। विधायक आशा कुमारी की गैर मौजूदगी में विधायक हर्षवर्धन की तरफ से इस संबंध में सवाल किया गया था। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भलेई  में 70 और दूसरे कालेज में 50 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें से भलेई कॉलेज के लिए 12 बीघा वन भूमि के अलावा साथ लगती 8 बीघा निजी भूमि को देखा गया है। निजी भूमि के शपथ पत्र आ गए हैं और वन भूमि का मामला देहरादून भेजा  जाएगा। वहीं, तेलका कॉलेज के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जमीन का निरीक्षण किया गया है। इससे संबंधी मामला एफसीए क्लीयरेंस के लिए देहरादून भेजा जा रहा है।

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