Covid-19 Update

2,00,043
मामले (हिमाचल)
1,93,428
मरीज ठीक हुए
3,413
मौत
29,821,028
मामले (भारत)
178,386,378
मामले (दुनिया)
×

होलिका दहन के बाद राख मानी जाती है पवित्र

होलिका दहन के बाद राख मानी जाती है पवित्र

- Advertisement -

होली की पूजा होलिका दहन से ठीक पहले की जाती है। यह पूजा कहीं भी की जा सकती है। आमतौर पर लोग इस पूजा को सामुदायिक तौर पर एक साथ करते हैं।

Holika dahan Importanceहर गली-मोहल्ले में होली के कई दिन पहले से किसी सार्वजनिक स्थान पर लकड़ियां, सूखी पत्तियां, पेड़ की डालियां, गोबर के उपले इत्यादि सामग्री जमा किया जाना शुरू हो जाता है। यह ढेर एक मजबूत लकड़ी के आसपास इकठ्ठा किया जाता है और इसे होलिका नाम से बुलाया जाता है। होलिका दहन वाले दिन इसे जलाने से पहले इसकी पूजा की जाती है।


होलिका दहन के बाद जो राख बचती है, लोग उसे घर ले जाते हैं और दूसरे दिन इस राख को अपने शरीर पर मलते हैं। ऐसा करना शुभ माना जाता हैं। कहते हैं ऐसा करने से शरीर पवित्र होता है। इसके बाद सब रंग और अबीर से होली खेलते हैं। होलिका दहन, फाल्गुन माह की पूर्णिमा को किया जाता है। इसे सूर्यास्त के पश्चात् प्रदोष के समय, जब पूर्णिमा तिथि हो तब करना चाहिए।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है