×

रमा एकादशी : यह व्रत करने से मिलता है पापों से छुटकारा

रमा एकादशी : यह व्रत करने से मिलता है पापों से छुटकारा

- Advertisement -

कार्तिक माह के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहते हैं। यह धनतेरस से एक दिन पहले आता है। इस दिन व्रत के प्रभाव से सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं। जो भक्‍त सच्‍चे मन और विधि विधान से रमा एकादशी का व्रत (Rama ekadashi vrat) करता है, कथा पढ़ता है या सुनता है उसे सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है और मृत्‍यु उपरांत उसे विष्‍णु लोक की प्राप्‍ति होती है। सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए यह व्रत सुख और सौभाग्यप्रद माना गया है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु (Lord vishnu) के साथ ही मां लक्ष्‍मी का पूजन करना भी बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है।



शुभ मुहूर्त

तिथि प्रारम्भ: 24 अक्टूबर को रात 01:10 बजे
तिथि समाप्त: 24 अक्टूबर को रात 10:20 बजे
पारण समय : 25 अक्टूबर को सुबह 06:40 से 08:40 बजे तक

रमा एकादशी की पूजा विधि :

– रमा एकादशी का व्रत करने वाले को एक दिन पहले यानी कि दशमी से ही व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए।
– व्रत के दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान करें और स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें।
– एकादशी का व्रत निर्जला होता है।
– अब घर के मंदिर में विष्‍णु की प्रतिमा स्‍थापित करें।
– विष्‍णु की प्रतिमा को तुलसी दल, फल, फूल और नैवेद्य अर्पित करें।
– अब विष्‍णु जी की आरती उतारें और घर के सभी सदस्‍यों में प्रसाद वितरित करें.
– मां लक्ष्‍मी का दूसरा नाम रमा है. यही वजह है कि इस एकादशी में भगवान विष्‍णु के साथ मां लक्ष्‍मी की पूजा भी की जाती है.
– इस दिन घर में सुंदर कांड का आयोजन करना शुभ माना जाता है.
– रात के समय सोना नहीं चाहिए. भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए.
– अगले दिन पारण के समय किसी ब्राह्मण या गरीब को यथाशक्ति भोजन कराए और दक्षिणा देकर विदा करें.
– इसके बाद अन्‍न और जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें.

रमा एकादशी व्रत के नियम

कांसे के बर्तन में भोजन न करें। नॉन वेज, मसूर की दाल, चने व कोदों की सब्‍जी और शहद का सेवन न करें। कामवासना का त्‍याग करें। व्रत वाले दिन जुआ नहीं खेलना चाहिए। पान खाने और दातुन करने की मनाही है। जो लोग एकादशी का व्रत नहीं कर रहे हैं उन्‍हें भी इस दिन चावल और उससे बने पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें… 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है