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तमगाः हिमाचल बाह्य शौच मुक्त घोषित

तमगाः हिमाचल बाह्य शौच मुक्त घोषित

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यशपाल शर्मा/ शिमला। हिमाचल प्रदेश को बाह्य शौच मुक्त घोषित कर दिया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास व स्वच्छता मंत्री नरेंद्र tomarसिंह तोमर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व सीएम वीरभद्र सिंह की मौजूदगी में प्रदेश ने ये तमगा हासिल किया। सीएम वीरभद्र सिंह ने इसकी घोषणा मंच से की। अभी तक देश में सिक्किम ही पूरी तरह बाह्य शौच मुक्त राज्य था। हिमाचल नंबर दो बन गया है। ग्रामीण विकास एवम पंचायती राज सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2017 तक बाह्य शौच मुक्त राज्य हिमाचल को बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सरकार के सहयोग के साथ ही जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रयास से 28 अक्टूबर को ही सिरे चढ़ा दिया गया। इसके लिए 28 सितंबर से 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया गया।

  • इस मौके पर सीएम वीरभद्र सिंह और नरेंद्र तोमर, जेपी नड्डा ने थुनाग के पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विधिवत शुभारम्भ किया। इसके बाद प्रदेश को बाह्य शौच मुक्त घोषित करने में विशेष सहयोग देने वालों को सम्मानित किया।
  • सबसे पहले कांग
    ड़ा की मंडलायुक्त नंदिता गुप्ता, उसके बाद मंडलायुक्त मंडी देवेश कुमार, डीसी बिलासपुर रुगवेद ठाकुर, डीसी चंबा सुदेश मोक्टा, डीसी हमीरपुर मदन चौहान, डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा, डीसी किन्नौर एनके लट्ठ, डीसी कुल्लू युनुस, डीसी लाहौल व स्पीति विवेक भाटिया, डीसी मंडी संदीप कदम, डीसी शिमला रोहन चंद ठाकुर, डीसी सिरमौर बीसी बड़ालिया, डीसी सोलन राकेश कंवर, डीसी ऊना विकास लाबरू को पुरस्कृत किया गया।
  • इसके साथ-साथ अन्य जिलों केshimla अधिकारी सम्मानित किए गए। ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि इसमें सिर्फ शौचालय बने हैं, ये ही नहीं देखा गया। इसमें ये भी देखा गया कि गंदगी तो नहीं फैलाई जा रही है। पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया। पूरे देश के साथ हिमाचल के सभी बारह जिले बाह्य शौच मुक्त अभियान में शामिल थे। जाहिर है कि सिक्किम को साल 2005 में खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। हिमाचल प्रदेश के छह जिलों को 2 अक्टूबर के दिन पहले भी खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका था। 28 सितंबर से खुला शौच मुक्त और सुरक्षित पेयजल अभियान शुरू किया गया था। इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर के बीच इस अभियान की वेरीफिकेशन की गई। वेरीफिकेशन के लिए ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन किया गया था। इसमें सरकारी अधिकारियों सहित एनजीओ व अन्य संबंधित संस्थाओं को शामिल किया गया था। हिमाचल प्रदेश में कुल 14,83,562 घरों में शौचालय हैं। बड़े राज्यों के हिसाब से बात की जाए तो हिमाचल ने केरल को भी पछाड़ दिया है। केरल के एक नवंबर को ओडीएफ घोषित किया जाएगा।

https://youtu.be/biSMiPKzxe8

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