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अब HPCA ही आस! Anurag के रहते नहीं मरने देंगे खेल

अब HPCA ही आस! Anurag  के रहते नहीं मरने देंगे खेल

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धर्मशाला। अनुराग ठाकुर एचपीसीए अध्यक्ष पद रहेंगे या नहीं इसके बारे में SC के आदेशों की प्रति मिलने और उसके अध्यन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। बहरहाल कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में खेलों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अनुराग ठाकुर को भले ही बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटा दिया गया हो, लेकिन प्रदेश में क्रिकेट के निखार को कम नहीं होने दिया जाएगा, अनुराग के रहते खेल को मरने नहीं दिया जाएगा।


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sanjayएचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। फैसले की प्रति मिलने और इसमें वर्णित बिंदुओं का अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। संजय शर्मा का कहना है कि एचपीसीए अध्यक्ष के रूप में अनुराग ठाकुर रहेंगे या नहीं यह कोर्ट के फैसले की प्रति मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल तो अनुराग ठाकुर ही एचपीसीए अध्यक्ष हैं। संजय शर्मा ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का अध्ययन करने के लिए जल्द ही एचपीसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड़ की मीटिंग बुलाई जाएगी। इसमें यह तय किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से एचपीसीए अध्यक्ष के तौर पर अनुराग का पद प्रभावित हो रहा है या नहीं, लेकिन यह सब कोर्ट के फैसले की प्रति मिलने के बाद की बात है। बताते चलें कि लोढ़ा समिति की अनुशंसा के अनुसार कोई भी व्यक्ति 9 वर्ष तक एक संघ का अध्यक्ष नहीं रह सकता, जबकि अनुराग ठाकुर 15 वर्षों से एचपीसीए के अध्यक्ष बने हुए हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने के आदेश दिए होंगे तो अनुराग ठाकुर को एचपीसीए के अध्यक्ष के पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

अनुराग की बीसीसीआई से छुट्टी होने पर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक घमासान मचने के भी पूरे आसार हैं। एचपीसीए और अनुराग ठाकुर हमेशा से ही प्रदेश सरकार के निशाने पर रहे हैं। ऐसे में झूठा हल्फनामा देने के मामले में बीसीसीआई से आउट होने पर प्रदेश सरकार उनके खिलाफ हमले और तेज कर सकती है। इस वर्ष प्रदेश में चुनाव भी होने हैं और ऐसे में कांग्रेस को बीजेपी के खिलाफ यह नया हथियार मिल जाएगा। इस बारे में संजय शर्मा का कहना है कि कांग्रेस सरकार हमेशा से ही खेल को राजनीतिक रंग देती आई है। सरकार ने कभी भी खेलों को बढ़ावा नहीं दिया है और आगे भी प्रदेश कांग्रेस सरकार यही नीति अपनाएगी।

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