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ब्रिटेन और जर्मनी में आज से शुरू होगा Corona की वैक्सीन का Human Trial

ब्रिटेन और जर्मनी में आज से शुरू होगा Corona की वैक्सीन का Human Trial

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पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी की वैक्सीन (Vaccine) खोजने में जुटी हुई है। दुनिया में इस समय बेशक टीके को लेकर 150 परियोजनाएं चल रही हैं लेकिन जर्मनी और ब्रिटेन दुनिया के उन पांच देशों में शामिल हैं जिन्हें क्लीनिकल ट्रायल की इजाजत मिली है। ब्रिटेन और जर्मनी (Britain and Germany) में आज से कोरोना वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल (Human Trial) शुरू होने जा रहा है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी 510 और जर्मनी का फेडरल इंस्टीट्यूट 200 स्वस्थ लोगों पर कोरोना के टीके का परीक्षण करेगी। जिन लोगों पर इसका ट्रायल किया जाएगा उन्हें 18 साल से 55 साल की श्रेणी में रखा गया है। ट्रायल के दौरान टीके की अलग-अलग किस्म को अलग-अलग लोगों को देकर यह देखा जाएगा कि ये वायरस को खत्म करने में कितना कारगर है। इसके दुष्परिणामों का भी अलग से परीक्षण किया जाएगा।

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ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक का कहना है कि यह टीका कोरोना वायरस से लड़ने का एकमात्र कारगर तरीका है। टीके के ट्रायल (Trial) के लिए लंदन के इंपीरियल कॉलेज को 2.25 करोड़ पाउंड की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऑक्सफोर्ड की शोध निदेशक प्रोफेसर सारा गिल्बर्ट ने अनुमान लगाया कि टीके के सफल होने की लगभग 80 प्रतिशत संभावना है। ब्रिटेन टीके की तलाश में सबकुछ झोंकने के लिए तैयार है, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार इसे लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन के वायरोलॉजिस्ट को चिंता भी है।


वैज्ञानिकों को इस बात का डर है कि यदि इसमें कुछ भी गलत हुआ तो हजारों-लाखों लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। लैब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वालांसे भी इसे लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। वहीं जर्मनी की बायोटेक कंपनी बायो एन टेक ने कोविड-19 का टीका बना लिया है। अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के साथ मिलकर बायो एन टेक ने इस टीके को बनाया है। जिसका नाम बीएनटी162 रखा है। जर्मनी के बाद इसका ट्रायल अमेरिका में भी किए जाने की संभावना है।

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