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बंक मारने के चक्कर में शिक्षकों ने खराब कर दीं बायोमीट्रिक मशीनें!

नए बने शिक्षा निदेशक के पास पहुंची शिकायत, होगी जांच

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लेखराज धरटा/शिमला। प्रदेश के स्कूलों में लगी सौ बायोमीट्रिक मशीनों में से आधी खराब हो गई हैं। इसे ट्रायल बेस पर लगाया गया था। अब इसे लेकर आशंका ये जताई जा रही है कि खराब हुई मशीनों के पीछे शिक्षकों का हाथ हो सकता है। स्कूल के बंक मारने के चक्कर में मशीनों को खराब करने की संभावना जताई गई है। ये शिकायत नए बने शिक्षा निदेशक के पास पहुंच गई है, जिसकी जांच शुरू की जा रही है। इसमें कंपनी को भी लिखा जा रहा है। अब कंपनी ही ये बताएगी कि ऑखिर इसमें तकनीकी खराबी का कारण क्या रहा है?

उधर प्रदेश शिक्षा विभाग राज्य के दस हजार स्कूलों में आधार लिंक मशीन से हाजिरी लगाने की तैयारी करने लगा है। ये एक ऐसा ऑनलाइन सिस्टम है, जहां पर शिक्षा विभाग अब स्टॉफ के स्कूलों से गायब रहने पर नज़र तो रखेगा ही, वहीं उनकी सबूत के साथ खिंचाई भी कर पाएगा। अब ऐसे में सवाल ये भी उठने लगे हैं कि यदि मशीनें इनसान की गलती के कारण खराब होती रही तो इसका हल कैसे ढूंढा जा सकेगा।

प्री बिड फाइनल, छह कंपनियों का चयन

जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन में अभी प्री बिड फाइनल हो गई है, इसमें छह कंपनियों का चयन हुआ है। ये कंपनियां चंडीगढ़, राजस्थान, मुंबई और कोलकाता से हैं। अब विभाग में इनकी टेक्निकल बिड शुरू हो गई है। इसमें मशीनों की चैकिंग शुरू हो गई है। गौर हो कि साढ़े तीन करोड़ के बजट से ये मशीनें खरीदी जानी तय की गई हैं। तीन हजार मशीनें उच्च शिक्षा विभाग के तहत नवीं से बारहवीं कक्षा तक और सात हजार मशीनें प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूलों में लगाई जाने वाली हैं। अब पहली सौ मशीनों के स्टेट्स पर विभाग जरूर चैक रखने वाला है, जिसमें कंपनी से बातचीत होनी है।

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