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नहीं हूं देश विरोधी…कन्हैया

नहीं हूं देश विरोधी…कन्हैया

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दयाराम कश्यप / कसौली। जेएनयू के विवादित छात्र नेता कन्हैया कुमार का कहना है कि राष्ट्रवाद के कई चेहरे हैं,जिस पष्ठभूमि से वह ताल्लुक रखते हैं, उसमें देश विरोधी होने का सवाल ही नहीं उठता है।  उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में भाग लेने आए कन्हैया ने जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। कन्हैया को लिटफेस्ट के दूसरे दिन विशेष तौर पर राष्ट्रवादिता पर बोलने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि वह एकजुटता में विश्वास रखते हैं,वह एक किसान के बेटे हैं,एक भाई सेना में है,फिर उनके देश विरोधी होने का सवाल कहां से खड़ा होता है।

  • राष्ट्रवाद के कई चेहरे,उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता
  • जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों से झाड़ा पल्ला,कोई लेना-देना नहीं
  • एकजुटता में विश्वास है,एक किसान के बेटे हैं,एक भाई सेना में

khaniya-2कन्हैया का मानना है कि देश के अंदर जो छुआछूत, ऊंच-नीच, लिंग के आधार पर असमानता, बेरोजगारी व अशिक्षा आदि कई समस्याएं हैं, उनके लिए एक मुकम्मल लड़ाई लड़ी जाए और मौजूदा राजनीति व्यवस्था में इसका विकल्प न ढूंढ़ा जाए, विकल्प के लिए आंदोलन किए जाएं। उनका कहना है कि मैं विद्यार्थी समाज को आगे बढ़ाने के लिए पढ़ लिख रहा हूं, ऐसे में देश के खिलाफ बोलने की कोई गुजाइंश नहीं है। मैं इंतजार कर रहा हूं, सत्य की जीत होगी। कोर्ट अपना काम कर रहा है और दूध का दूध और पानी का पानी होगा। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रवाद के कई चेहरे हैं। भारत में राष्ट्रवाद भारत के संविधान से तय होगा। संविधान की प्रस्तावना की पहली लाइनें ‘हम भारत के लोग’ हैं। अगर राष्ट्रवाद को परभाषित करना है तो देश के लोगों की पहचान, संस्कृति, बोली, धर्म, अधिकार व तमाम चीजों को समाहित करना होगा

  • देश को जातिवाद और धर्म के नाम पर बांटा जा रहा

khaniya-3कन्हैया ने कहा कि देश को जातिवाद और धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पकिस्तान कलाकारों को देश में काम करने से प्रतिबन्ध करना उचित है, लेकिन देश के ही कलाकार को रामलीला में काम करने से मना करना कहां तक उचित है। उनका निशाना फ़िल्मी कलाकार नवाजुदीन सिद्दीकी पर था। कन्हैया ने देश की सेना को राजनीतिक लाभ के लिए राजनीतिज्ञों द्वारा इस्तेमाल करने के भी आरोप लगाए। कन्हैया ने कहा कि उनके खान पान का फैसला कोई नहीं कर सकता है ये उनका मौलिक अधिकार है। उनका कहना था कि कौन दाल सब्जी खाएगा और कौन बीफ इसका अधिकार हर प्रान्त के हर धर्म के लोगों को देश का संविधान देता है। उन्होंने कहा कि आज हमें एकजुट होकर बहु संस्कृति को बचाने के प्रयास करने चाहिए।

  • गोवा और पंजाब में प्रचार करेंगीं गुलपनाग

khaniya-5अभिनेत्री से राजनीति में कदम रखने वाली और आम आदमी पार्टी की सक्रिय सदस्य गुलपनाग का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों में वह पार्टी के लिए ही कार्य करेंगी, उनका इस बार चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में भाग लेने पहुंची गुलपनाग ने कहा कि उनका यहां आने का मकसद राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बोलना था। इस पर उन्होंने अपने विचार रखे हैं। राजनीति की बात करते हुए गुलपनाग ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता हैं और आगामी चुनावों में वह गोवा और पंजाब में प्रचार के लिए मैदान में उतरेंगी। खुद चुनाव न लड़ने के लिए उन्होंने इसे निजी कारण बताया। आम आदमी पार्टी के विधायकों पर लगने वाले आरोपों पर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कानून इसकी जांच करे।

 

https://youtu.be/TtC0zSiYnI4

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