Covid-19 Update

2,27,354
मामले (हिमाचल)
2,22,669
मरीज ठीक हुए
3,833
मौत
34,606,541
मामले (भारत)
264,096,760
मामले (दुनिया)

IGMC के डॉक्टर अनमोल गुप्ता को अवार्ड, शिमला में पीलिया रोकथाम में रहा बड़ा योगदान

सार्वजनिक स्वास्थ्य में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित

IGMC के डॉक्टर अनमोल गुप्ता को अवार्ड, शिमला में पीलिया रोकथाम में रहा बड़ा योगदान

- Advertisement -

शिमला। आईजीएमसी (IGMC) के डॉक्टर अनमोल गुप्ता (Dr. Anmol Gupta) को डॉ. हरचरण सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें यह अवार्ड दिया गया है। इसके अलावा शिमला में हर तीन साल में फैलने वाले पीलिया की रोकथाम में डॉ. अनमोल गुप्ता का अहम योगदान रहा। कम्युनिटी मेडिसिन (Community Medicine) के क्षेत्र में विशिष्ट और असाधारण योगदान के लिए, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (IAPSM) ने IGMC शिमला में प्रोफेसर डॉ. अनमोल गुप्ता (Dr. Anmol Gupta) को अपने वार्षिक सम्मेलन में वर्ष 2020 के लिए प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन का यह 48वां वार्षिक सम्मेलन थे जिसे सामुदायिक चिकित्सा विभाग, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें डॉ. अनमोल गुप्ता प्रोफेसर और प्रमुख, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, आईजीएमसी शिमला को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने विशिष्ट योगदान के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार डॉ. हरचरण सिंह से सम्मानित किया गया।

Shimla: दो संस्थाओं की लड़ाई के बीच उलझा IGMC का रेन बसेरा, धरने पर बैठे ऑलमाइटी संस्था अध्यक्ष

डॉ. अनमोल गुप्ता ने 15 से अधिक रिसर्च प्रोजेक्ट्स हिमाचल में प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर के रूप में किए हैं, जिन्हें WHO / UNDP / DHR / ICMR / DST / DBT और नेशनल हेल्थ मिशन हिमाचल प्रदेश द्वारा फंड किया गया है। डॉ. गुप्ता ने 2019 में ग्लासगो के रॉयल कॉलेज से फेलोशिप प्राप्त की और कोविड -19 के महामारी के दौरान शिमला सिटी 2020 में सतत विकास लक्ष्यों-स्वच्छता और अपने काम के लिए पुरस्कार प्राप्त किया, जहां उनकी टीम ने सभी 34 वार्डों में गुणात्मक और मात्रात्मक सर्वेक्षण किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट सिटी शिमला के लोग अभी भी पानी और कचरा संग्रहण के तरीकों और बंदर मैनेजमेंट से संतुष्ट नहीं हैं।

डॉ. गुप्ता शिमला शहर और आसपास के क्षेत्र में वायरल हेपेटाइटिस के रोग के संचरण की परियोजना के लिए प्रधान अन्वेषक थे। यह परियोजना स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग MOHFW इंडिया द्वारा प्रदान की गई थी, जहां शिमला शहर 2007, 2010, 2013, 2016 से हर तीन साल में हेपेटाइटिस ए और ई की महामारी का सामना कर रहा था। परियोजना के तहत मजबूत निगरानी प्रणाली की स्थापना की गई थी। विभिन्न जलाशयों से, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से नल, हैंडपंप और बावड़ी से दैनिक 20 नमूने का परीक्षण सूक्ष्म जीव विज्ञान IGMC शिमला द्वारा किया गया। इससे शिमला शहर में 2019 में हेपेटाइटिस का कोई प्रकोप नहीं हुआ । समुदाय में जमीनी स्तर पर उनका काम, जहां सबसे अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उनकी सफलता का मूल है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है