डायबिटीज है तो जरूर करें अदरक का सेवन, ये हैं फायदे

डायबिटीज है तो जरूर करें अदरक का सेवन, ये हैं फायदे

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आज के समय में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो हर तीसरे व्यक्ति को जकड़े हुए हैं। इनमें सबसे कॉमन बीमारी है डायबिटीज। डायबिटीज हमारे शरीर में होने वाली मेटाबॉलिक गड़बड़ी है। इसमें हमारे खून में मौजूद शुगर को नियंत्रित करने वाली व्‍यवस्‍था असंतुलित हो जाती है। डायबिटीज के लिए जरूरी है बेहतर खान-पान और नियमित एक्सरसाइज। डायबिटीज मुख्‍यत: दो तरह की होती है टाइप वन और टाइप टू। कभी-कभी प्रेग्‍नेंसी के दौरान भी गर्भवती महिला को हार्मोंस में बदलाव की वजह से डायबिटीज की शिकायत हो जाती है जो डिलीवरी के बाद अमूमन खत्‍म हो जाती है।
टाइप वन डायबिटीज बहुत कम उम्र में और कभी-कभी जन्‍म से ही होती है। इसमें शरीर में शुगर को नियंत्रित करने वाला हॉर्मोन इंसुलिन बनता ही नहीं है। टाइप टू डायबिटीज मूलत: जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है जो मोटापे, तनाव, अनिद्रा, ज्‍यादा तला-भुना खाने और बहुत कम शारीरिक श्रम करने से होती है। इसमें हमारे शरीर में या तो इंसुलिन बनना बंद हो जाता है या फिर शरीर की कोशिकाएं शरीर में बनने वाले इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं। ऐसे हालात में हमारे रक्‍त में बहुत अधिक मात्रा में शुगर मौजूद रहने लगती है और शरीर को नुकसान पहुंचाती है। डायबिटीज में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। हम आपको बताने जा रहे हैं अदरक कैसे डायबिटीज में आपको फायदा पहुंचा सकता है।
अदरक या जिंजिबर ऑफ़िसिनेल फूल से जुड़ा पौधा होता है और हम इसके तनों का इस्तेमाल करते हैं जिसे राइज़ोम कहा जाता है। अदरक की सुगंध तेज़ होती है और खाने और पीने की चीज़ों में ये तीखा पन जोड़ती है। पारंपरिक तौर पर इसे दवाओं का हिस्सा और सर्दी खांसी के इलाज के लिए जाना जाता है।
डायबिटीज़ में अदरक का इस्तेमाल करने पर असरदार ढंग से शुगर कंट्रोल (ग्लाइसेमिक) होता है और इंसुलिन की संवेदनशीलता में भी सुधार होता है, साथ ही ये डायबिटीज़ से जुड़ी परेशानियों और जटिलताओं से बचाव करती है।
अदरक का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) लो होता है या यूं कहें न के बराबर। डायबिटीज़ (मधुमेह) से ग्रस्त लोगों को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीज़ों से फ़ायदा होता है, क्योंकि ऐसी चीज़ों से ग्लूकोज़ ख़ून में धीमी मात्रा में रिसता है, जो ब्लड शुगर लेवल को तेज़ी से नहीं बढ़ने देता।
एक दिन में 4 ग्राम यानी एक चम्मच से ज़्यादा अदरक नहीं खानी चाहिए। एक अध्ययन के मुताबिक़, लगातार 8 हफ़्ते तक दिन में तीन बार 1 ग्राम अदरक की ख़ुराक लेने पर टाइप 2 डायबिटीज़ से ग्रस्त लोगों में फ़ास्टिंग ब्लड शुगर लेवल को प्रभावी ढंग से कम होते पाया गया, साथ ही उनके HbA1c लेवल में भी सुधार देखा गया।
वैसे तो भारतीयों के ज़्यादातर खाने में अदरक को साबुत या इसका पेस्ट बनाकर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन डायबिटीज़ के लिहाज़ से दूसरी चीज़ों के साथ इसे मिलाने पर इससे होने वाले फ़ायदे कम हो जाते हैं इसलिए डायबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को इसे कैप्सूल की तरह खाने की सिफ़ारिश की जाती है।
अदरक को टुकड़ों में काटकर तलने वाले खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्रोकली, मशरूम, स्प्राउट्स यहां तक कि चिकन में भी अदरक को मिलाकर खाया जाए तो अच्छा लगता है। अदरक की शिकंजी फ़ायदेमंद होने के साथ ही ताज़गी से भी भर देती है।
मसालेदार ज़ायका देने के लिए अदरक का इस्तेमाल मसाले में मिलाकर कर सकते हैं। अदरक को घिसकर संतरे के जूस और तिल के तेल के साथ बीफ़, चिकन और पोर्क में मिलाने से इनमें एशियन स्वाद मिलता है। आप ज़ायके के तौर पर अदरक के साथ नींबू का रस, अखरोट के तेल और लहसुन को मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
अदरक को प्रोसेस किए गए कैंडी या जिंजर ऐल (एक तरह का पेय पदार्थ) के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय इसे इसके प्राकृतिक रूप में खाने की आदत अपनाना फ़ायदेमंद होता है क्योंकि प्रोसेस की गई चीज़ों में कोई भी पोषक तत्व शामिल नहीं होते, बल्कि यह सेहत के लिहाज़ से काफ़ी नुक़सानदायक होते हैं।

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