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आज से शुरू होगा पर्वों व दान पुण्य का महीना , पढ़े कौन-कौन से त्योहार है आने वाल

आज से शुरू होगा पर्वों व दान पुण्य का महीना , पढ़े कौन-कौन से त्योहार है आने वाल

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कार्तिक माह बहुत पुण्य प्रदान करने वाला होता है। इस माह की पूर्णिमा भी विशेष पुण्य प्रदान करने वाली है।
इस महीने में कई धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम होंगे। इस महीने में खासतौर पर तुलसी और शालिग्राम की विशेष पूजा और आराधना की जाएगी। यह महीना त्योहारों का महीना भी होगा। इस महीने में व्रत, स्नान और दान करने से तमाम तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

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कार्तिक माह को सनातन हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस माह में पूजा तथा व्रत से ही तीर्थयात्रा के बराबर शुभ फलों की प्राप्ति हो जाती है।
हिंदू पंचांग का यह आठवां महीना है।इस बार इसकी शुरुआत रेवती नक्षत्र और हर्षण योग के साथ हो रही है। इस महीने में कई बड़े त्योहार पड़ेंगे।

पर्वों और दान-पुण्य का सबसे बड़ा महीना कार्तिक इस बार 14 अक्टूबर, 2019, सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 12 नवंबर 2019, मंगलवार को समाप्त होगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास को सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में दान पुण्य करने से घर-परिवार और कारोबार में सुख शांति बनी रहती है। इस मास में तुलसी विवाह का भी बड़ा महत्व है। तुलसी की श्रद्धा भाव से पूजा करने पर मनवांछित फल मिलते हैं।

तुलसी में साक्षात् मां लक्ष्मी का निवास माना गया है। इस चलते कार्तिक मास में तुलसी के समीप दीपक जलाना शुभ माना गया है। ऋतु चक्र के आधार पर इस मास से लोगों का खान-पान और पहनावा बदलेगा। कार्तिक स्नान र्योदय से पूर्व किया जाता है। स्नान कर पूजा-पाठ को खास अहमियत दी जाती है। साथ ही देश की पवित्र नदियों में स्नान का खास महत्व होता है। इस दौरान घर की महिलाएं नदियों में ब्रह्ममूहुर्त में स्नान करती हैं। यह स्नान विवाहित तथा कुंवारी दोनों के लिए फलदायी होता है। इस महीने में दान करना भी लाभकारी होता है। दीपदान का भी खास विधान है। यह दीपदान मंदिरों, नदियों के अलावा आकाश में भी किया जाता है।

कार्तिक स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को इसका पालन करना चाहिए। इस मास में धूम्रपान निषेध होता है। यही नहीं लहुसन, प्याज और मांस का सेवन भी वर्जित होता है। तुलसी के पौधे का कार्तिक महीने में दान भी दिया जाता है। तुलसी के पौधे के पास सुबह-शाम दीया भी जलाया जाता है। अगर यह पौधा घर के बाहर होता है तो किसी भी प्रकार का रोग तथा व्याधि घर में प्रवेश नहीं कर पाते हैं।

एकादशी से पूर्णिमा तक के मध्य भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए खुले आसमान में दीप जलाते हुए इस मंत्र –

दामोदराय विश्वाय विश्वरूपधराय च ! नमस्कृत्वा प्रदास्यामि व्योमदीपं हरिप्रियम् !!

अर्थात –

मै सर्वस्वरूप एवं विश्वरूपधारी भगवान दामोदर को नमस्कार करके यह आकाशदीप अर्पित करता हूँ जो भगवान को अतिप्रिय है। साथ ही इसमंत्र का ”नमः पितृभ्यः प्रेतेभ्यो नमो धर्माय विष्णवे ! नमो यमाय रुद्राय कान्तारपतये नमः !!

उच्चारण करते हुए, ‘पितरों को नमस्कार है, प्रेतों को नमस्कार है, धर्म स्वरूप श्रीविष्णु को नमस्कार है, यमदेव को नमस्कार है तथा जीवन यात्रा के दुर्गम पथ में रक्षा करने वाले भगवान रूद्र को नमस्कार है का उच्चारण करते हुए आकाशदीप जलाएं।
इस प्रकार करने से कोई भी प्राणी कार्तिक माह में भगवान की कृपा का पात्र बन सकता हैं

जानिए इस वर्ष 2019 के कार्तिक मास में किस दिन कौन सा पर्व मानेगा

17 अक्टूबर – करवा चौथ

21 अक्टूबर – अहोई अष्टमी

24 अक्टूबर- रमा एकादशी व्रत

25 अक्टूबर- गोवत्स द्वादशी

25 अक्टूबर – धनतेरस

26 अक्टूबर- रूप चौदस

27 अक्टूबर- दीपावली

28 अक्टूबर- गोवर्धन पूजा, अन्नकूट

29 अक्टूबर – भाई दूज

2 नवंबर – सूर्य षष्ठी

4 नवंबर – गोपाष्टमी

5 नवंबर – आंवला नवमी

8 नवंबर – देवउठनी ग्यारस

11 नवंबर – वैकुंठ चतुर्दशी

12 नवंबर – कार्तिक पूर्णिमा

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