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नौबाही माता मंदिर मामलाः कभी भी हो सकती हैं चार अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी

नौबाही माता मंदिर मामलाः कभी भी हो सकती हैं चार अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी

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मंडी। प्रसिद्ध शक्तिपीठ नौबाही माता मंदिर में जाली रसीदें छपवाकर चंदा उगाही के मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सीआईडी के सूत्रों के अनुसार चार अधिकारियों व कर्मचारियों की गिरफ्तारी मामले में तय है, जो कभी भी हो सकती है। दूसरी तरफ भ्रष्टाचार मामले में जीरो टोलरेंस का दावा करने वाली जयराम सरकार से भी नौबाही माता मंदिर बचाओ संघर्ष समिति को कई उम्मीदें हैं।

  • भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस वाली सरकार से संघर्ष समिति को उम्मीदें

बता दें कि जाली रसीदें छपवाकर उन पर भक्तों से चंदा उगाहने के मामले का पटाक्षेप हो जाने के दो साल बाद भी दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं पहुंचाने से खफा जिले के सरकाघाट उपमंडल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नौबाही माता मंदिर बचाओ संघर्ष समिति को उम्मीद बन गई है कि प्रदेश में सत्तासीन हुई जयराम ठाकुर सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस के वादे पर खरी उतरेगी और इन मुजरिमों को दबोचा जाएगा। साल में लाखों की आमदनी वाले इस मंदिर का प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 28 मार्च 2007 को इस मंदिर का अधिग्रहण किया था।

लोगों का आरोप है कि मंदिर के अधिग्रहण के बाद इसमें विकास की एक ईंट तक नहीं लगी और इसके चलते ही मार्च 2016 में एक बड़े घोटाले का पटाक्षेप हो गया, जिसमें पाया गया कि सरकार के अधीन रहते हुए इस मंदिर में जाली रसीदों के आधार पर ही भक्तों से चंदा लेकर कुछ लोग जेबें भरते रहे। मामला जब गंभीर हो गया तो सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी, जिस पर सीआईडी ने 11 मार्च 2016 को तीन एफआईआर दर्ज की। हैरानी यह है कि इस एफआईआर को दर्ज किए हुए दो साल होने को हैं, सारी जांच हो चुकी है। गोलमाल करने वाले सरकारी कर्मचारी व अधिकारी जो उस समय इस मंदिर की प्रशासकीय जिम्मेवारी संभाले हुए थे, उनमें से कुछ नामजद हो चुके हैं, मगर इनकी गिरफ्तारी न होना हैरानी का विषय बना हुआ है।

मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट देवाशीष भट्टाचार्य भी कूदे

इस मामले में प्रख्यात आरटीआई एक्टिविस्ट देवाशीष भट्टाचार्य भी कूद पड़े हैं। उन्होंने जनता की आवाज को आधार मानकर लगभग 6 दर्जन सूचनाएं सूचना के अधिकार के तहत मांगी हैं। उनके सूचनाएं मांगने के बाद से ही यहां पर विकास के काम की हलचल जो दस साल तक नजर नहीं आ रही थी देखने को मिलने लगी है। लोगों की मांग है कि दस साल होते रहे घपले का पैसा वसूल कर उसे मंदिर परिसर जिसमें 61 प्राचीन मूर्तियां हैं व 23 बीघे में फैला है का समग्र विकास हो, यहां साल भर दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं व भक्तों के लिए पूरी सुविधाएं जुटाई जाएं।

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