Covid-19 Update

2,05,017
मामले (हिमाचल)
2,00,571
मरीज ठीक हुए
3,497
मौत
31,341,507
मामले (भारत)
194,260,305
मामले (दुनिया)
×

लापरवाही! Digital Ration Card में BPL को APL तो APL को दर्शाया BPL

लापरवाही! Digital Ration Card में BPL को APL तो APL को दर्शाया BPL

- Advertisement -

कई डिजिटल राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों के नाम गायब

Digital Ration Card: नाहन। प्रदेश सरकार द्वारा राशन वितरण प्रणाली के लिए लाए गए डिजिटल राशन कार्ड परेशानी का सबब बने हुए हैं। ये कार्ड लोगों के लिए सुविधा कम और मुसीबत ज्यादा हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने डिजिटल राशन कार्ड में ऐसा कारनामा दिखाया है कि हर कोई जानकर हैरान रह जाएगा । डिजिटल राशन कार्ड से जहां कुछ लोगों के नाम गायब हैं, वहीं इन राशन कार्डों में BPL श्रेणी के लोगों को APL श्रेणी में जबकि APL श्रेणी  के लोगों को ,BPL श्रेणी में दर्शाया है। विभाग की इस लापरवाही से डिपो होल्डर्स भी परेशानी में हैं।  डिपो होल्डर्स को विभाग के आदेशों पर डिजिटल व मेनुअल दोनों मोड पर काम करने पड़ रहे हैं, जिससे डिपो होल्डर्स खासे परेशान हैं।

बीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना

इस बारे में  बीजेपी के वरिष्ठ नेता व नाहन से विधायक राजीव बिंदल का कहना है कि सरकार ने बिना सोचे डिजिटल राशन कार्ड बनाने का फैसला किया। बेहतर होता कि सरकार पहले इसके लिए योजना तैयार करती। उन्होंने कहा कि जब से सरकार सत्ता में आई है तब से खाद एवं आपूर्ति महकमा सवालों के घेरे में रहा है। आए दिन विभाग अपने फैसले बदलता रहता है मगर विभाग का कोई भी फैसला कारगर साबित नहीं हुआ है।


30 जून तक त्रुटियां सुधारने के निर्देश

उधर, इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने माना कि डिजिटल राशन कार्ड में कई खामियां पाई गई हैं। जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारी पवित्रा पुंडीर ने बताया कि इस बारे में जिला के डिपो होल्डर की तरफ से भी शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, कि 30 जून तक त्रुटियां दूर करने का समय विभाग द्वारा तय किया गया है। अकेले सिरमौर जिला में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा हजारों डिजिटल कार्ड बनाए गए, जिन पर मोटी रकम खर्च हुई है और अब दोबारा इन कार्ड को बनाया जाना है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों विभाग ने पहले योजना पूर्वक काम नहीं किया। विभाग की लापरवाही के कारण यहां करोड़ों रुपए की फिजूलखर्ची हुई है।  विभाग भले ही 30 जून तक सभी गलतियां सुधारने का दावा कर रहा हो मगर इसमें अभी लम्बा वक्त लगना तय है।

सड़क के लिए काट दिए 30 पेड़, Forest Department ने वसूला 40 हजार जुर्माना

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है