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BPL सूची से हटाए 1317 अपात्र

BPL सूची से हटाए 1317 अपात्र

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गफूर खान/धर्मशाला। बीपीएल परिवारों के घरों के बाहर पट्टिकाएं लगाने के कार्य के दौरान जिला कांगड़ा में 1317 अपात्र परिवारों को बीपीएल की सूची से बाहर किया गया है। जिला के 15 विकास खंडों में यह कार्य चलाया गया था और कुल 60 हजार 507 घरों में बीपीएल पट्टिकाएं लगाई जा चुकी हैं। जिला कांगड़ा में वर्तमान में 62 हजार 196 परिवार बीपीएल में शामिल हैं। जिला के 15 विकास खंडों में से 5 विकास खंड ऐसे भी हैं, जिनमें एक भी परिवार बीपीएल के लिहाज से अपात्र नहीं पाया गया है। विकास खंड भवारना, कांगड़ा, नूरपुर, बैजनाथ और रैत में एक भी अपात्र परिवार नहीं पाया गया है। विकास खंड सुलह में सबसे अधिक परिवारों को अपात्र पाया गया है और इस विकास खंड में 135 परिवारों को बीपीएल सूची से हटाया गया है।

  • card62 हजार 196 बीपीएल परिवार हैं जिला कांगड़ा में
  • 60 हजार 507 घरों में लगाई जा चुकी है बीपीएल पट्टिका

देहरा विकास खंड से 97 और इंदौरा विकास खण्ड में 96 परिवारों को अपात्र होने के चलते बीपीएल सूची से हटाया गया है। इसके अलावा विकास खंड धर्मशाला में 25, फतेहपुर में 28, लम्बा गांव में 27, नगरोटा बगवां में 6, नगरोटा सूरियां में 7, पंचरुखी में 37 और विकास खंड परागपुर में 12 परिवारों को बीपीएल सूची से हटाया गया है। वहीं विकास खंड बैजनाथ में 5307 बीपीएल परिवारों में से 847 परिवार नगर पंचायत में शामिल हो चुके हैं, जिस कारण वहां पट्टिकाएं नहीं लगाई जा सकी हैं। जिला कांगड़ा में देहरा विकास खंड में सबसे अधिक बीपीएल परिवार हैं। इस विकास खंड में 5806 बीपीएल परिवार हैं। रैत विकास खंड में 5470 बीपीएल परिवार हैं। इसके अतिरिक्त विकास खंड भवारना में 4401, धर्मशाला में 2140, इंदौरा में 3275, फतेहपुर में 4541, कांगड़ा में 4234, लम्बगांव में 4607, नगरोटा बगवां में 3769, नगरोटा सूरियां में 4416, नूरपुर में 2934, पंचरुखी में 3675, परागपुर में 4465 और विकास खंड सुलह में 3156 बीपीएल परिवार हैं।

उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी डीआरडीए जिला कांगड़ा मुनीष कुमार शर्मा ने बताया कि बीपीएल पट्टिकाएं लगाने का अधिकतर काम पूरा कर लिया गया है। जिला में कुल 1317 परिवार इस प्रक्रिया के दौरान बीपीएल सूची से बाहर हुए हैं। ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर भी अपात्र लोगों की जगह पात्र लोगों को बीपीएल की सूची में डालने के प्रस्ताव पारित कर सकती हैं।

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