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#Nepal_Political_Crisis: पीएम केपी ओली को शीशे पर उतारने के लिए #China ने भेजी फौज, भारत की नजर

उपमंत्री गुओ के अलावा 11 अन्‍य चीनी अधिकारी ओली सरकार पर दबाव डालने को काठमांडू पहुंचे

#Nepal_Political_Crisis: पीएम केपी ओली को शीशे पर उतारने के लिए  #China ने भेजी फौज, भारत की नजर

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नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट (Political Crisis in Nepal) के बीच पीएम केपी शर्मा ओली (PM KP Sharma Oli)को शीशे पर खरा उतारने के लिए चीन ने अपनी पूरी फौज मैदान में उतार दी है। पीपीई किट से लैस सूट (Suit Equipped with PPE Kit) पहनकर काठमांडू (Kathmandu) पहुंचे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के उपमंत्री गुओ येझु (Guo Yezhu) लगातार बैठकें कर रहे हैं। अभी तक वह राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी,पीएम केपी ओली व विरोधी नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड (Pushp Kamal Dahal Prachanda) के साथ बैठकें कर चुके हैं। चीन के नेपाल की राजनीति में सीधे हस्तक्षेप के चलते भारत ने भी पैनी नजर रखी हुई है।

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काठमांडू मीडिया रिपोर्टृस के मुताबिक गुओ मंगलवार को भी बैठकों का दौर जारी रखेंगे। वह इस कोशिश में हैं कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of Nepal) के दोनों धडों को साथ लाया जाए। पीएम ओली के बीती 20 दिसंबर को संसद भंग करने के बाद से कम्युनिस्ट पार्टी दो फाड हो चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टृस के अनुसार गुओ के अलावा 11 अन्‍य चीनी अधिकारी ओली सरकार पर दबाव डालने के लिए काठमांडू पहुंचे हुए हैं। असल में ये वही नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी है जिसके गठन के लिए चीन ने वर्ष 2018 में ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। गुओ ने ही ओली और प्रचंड की पार्टियों को वर्ष 2018 में मिलाकर नेपाल कम्‍युनिस्‍ट पार्टी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

याद रहे कि नेपाल में 30 अप्रैल और 10 मई को चुनाव कराए जाने का ऐलान हो चुका है और चीनी प्रतिनिधिमंडल (Chinese Delegation) यह जानने का प्रयास कर रहा है कि क्‍या चुनाव संभव है। देश में मध्‍यावधि चुनाव कराए जाने ओली को छोड़कर बाकी सभी दल विरोध कर रहे हैं। इस घटनाक्रम के बीच भारत ने नेपाल के राजनीतिक संकट को आंतरिक मामला बताते हुए हस्‍तक्षेप नहीं करने का फैसला लिया हुआ है। इसके बाद भी भारत (India) ने चीन के बढ़ते हस्‍तक्षेप पर पैनी नजर बनाई हुई है।

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