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40 की उम्र के बाद भोजन में जरूर शामिल करें ये पौष्टिक तत्व

40 की उम्र के बाद भोजन में जरूर शामिल करें ये पौष्टिक तत्व

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बढ़ती उम्र के साथ सेहत की देखभाल बहुत जरूरी है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है शरीर कमजोर होता जाता है और उसे पौष्टिक चीजों की जरूरत होती है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि बढ़ती उम्र के साथ आपने खान-पान की तरफ भी ध्यान दें।आमतौर पर 40 साल के बाद अगर हम सही ढंग से अपने शरीर की तरफ ध्यान दें और अपनी नियमित दिनचर्या के साथ भोजन में ऐसे तत्व शामिल करें जो आप के शरीर को ताकत दें तो आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। हम आप को बताते हैं कि ढलती उम्र यानी 40 के बाद आप के शरीर को किन पौष्टिक तत्वों की जरूरत होती है।

कैल्शियम मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाता है। निम्‍न वसायुक्‍त आहार और दूध के उत्‍पादों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ताजे और पत्‍तेदार सब्जियों, सोयमिल्‍क, साबुत अनाज, अंडा, आदि कैल्शियम के स्रोत हैं। महिलाओं के लिए 50 साल की उम्र तक नियमित रूप से 1000 मिग्रा कैल्शियम की आवश्‍यकता होती है, 50 साल के बाद इसकी मात्रा बढ़ाकर 1200 कर देना चाहिए। वहीं पुरुषों को 70 साल तक 1000 मिग्रा नियमित और 70 साल के बाद 1200 मिग्रा नियमित रूप से कैल्शियम की जरूरत होती है।


विटमिन बी हमारी कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत में सहायता करता है। मांसाहारी पदार्थों में विटामिन बी कॉम्पलेक्स की भरपूर मात्रा होती है, परन्तु शाकाहारी लोगों को विशेष रूप से अपने भोजन पर ध्यान देना चाहिए। आपको डेरी उत्पादों दूध, दही, पनीर, चीज, मक्खन, सोया मिल्क आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा जमीन के भीतर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर आदि में भी विटामिन बी आंशिक रूप से पाया जाता है।

अलसी के बीज, अखरोट, ब्लूबेरी, राई का तेल, सोयाबीन, सालमन मछली और सीफूड जैसे, प्रॉन, झींगा, सीप आदि में काफी मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। ये शरीर के हार्मोन्स में बदलाव कर भूख को कम करते हैं और डाइटिंग करने में भी मददगार होते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन हार्ट अटैक के जोखिम को भी कम करता है। यह धमनियों के फैलने में सहायता करता है, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक ढंग से हो पाता है और एन्जाइम्स फैट को आसानी से शरीर में घुलने में सहायता करते हैं और उनका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।

सबसे अधिक विटामिन डी सूर्य की किरणों से मिलता है। इसके अलावा यह कुछ खाद्य पदार्थों में जैसे – मांस, अंडे, मछली का तेल, दुग्‍ध उत्पादों में भी पाया जाता है।विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर के अन्‍य अंगों के लिए भी बहुत जरूरी पोषक तत्‍व है। यह वसा में घुलनशील प्रो-हार्मोन्स का एक समूह होता है जो आंतों से कैल्शियम को सोखकर हड्डियों में पहुंचाता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां , साबुत अनाज, अखरोट, मूंगफली, बादाम, काजू, सोयाबीन, केले, खुबानी, कद्दू, दही, दूध, चॉकलेट और तुलसी में मैग्नीशियम पाया जाता है भोजन में मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा आपको डायबिटिज के खतरे से बचाती है। मैग्नीशियम की कमी से आपको धमनी संबंधी रोग, डायबटीज, अर्थाराईटिस जैसी समस्या हो सकती है।

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