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कहां से आई नकदी, दो जानकारी

कहां से आई नकदी, दो जानकारी

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नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद दूसरों के काले धन को अपने खातों में जमा कराने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। नोटबंदी के बाद त्वरित गति से कार्य करते हुए आयकर विभाग ने ऐसे सैकड़ों लोगों से नकदी के स्रोत की जानकारी मांगी है जिन्होंने आठ नवंबर के बाद अपने खाते में बड़ी मात्रा में 500 और 1000 के प्रतिबंधित नोट जमा करवाए हैं। सरकार उनके खाते में आए पूरे पैसे का हिसाब लेगी। इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए आयकर विभाग ने सैकड़ों नोटिस जारी किए हैं और ऐसे लोगों और कंपनियों से आय का स्रोत बताने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पूरे देश में जांच शुरू हो गई है।
  • blackmoneyअब खातों में बड़ी नकदी जमा कराने वालों की मुश्किलें बढ़ीं
  • 8 नवंबर के बाद खातों में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नोट जमा कराने वालों को नोटिस
  • आयकर विभाग ने सैकड़ों लोगों से नकदी के स्रोत की जानकारी मांगी
विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 133 (6) के तहत नोटिस जारी किए हैं। यह कानून उसे सूचना लेने का अधिकार देता है। बैंकों की तरफ से बताया गया कि कुछ मामलों में उनके खातों में असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में नकदी जमा कराई गई है। इनमें खासतौर से वे खाते हैं जिनमें अचानक ढाई लाख रुपये से ज्यादा जमा कराए गए हैं। इसी के बाद विभाग ने हरकत में आते हुए नोटिस जारी किए। नोटिस उन्हीं मामलों में जारी किए जा रहे हैं जहां विभाग को संदेह है कि ऐसा काले धन को छुपाने के लिए किया गया है। इन नोटिसों में पुराने नोटों में जमा कराई गई राशि और तारीख बताने को कहा गया है। इनके पक्ष में दस्तावेज, लेखा और बिल मांगे गए हैं।
income-tax-deptनोटिस के तहत अगर विभाग ने आपका आकलन किया है तो बीते दो साल के आयकर रिटर्न की प्रति भी दर्ज करें। प्रधानमंत्री की ओर से आठ नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद विभाग ने रियल एस्टेट कंपनियों, सराफा कारोबारियों और संदिग्ध हवाला डीलरों के खिलाफ भी सर्वे ऑपरेशन बढ़ा दिए हैं। बंद हो चुके नोटों के अवैध इस्तेमाल को रोकने के मकसद से ऐसा किया गया है। इसी तरह की जांच सहकारी बैंकों में भी की गई है। मंगलोर में एक मामले में पाया गया कि आठ करोड़ रुपये मूल्य की पुरानी करंसी को पांच सोसाइटी के साथ बदला गया। 

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