Covid-19 Update

1,42,510
मामले (हिमाचल)
1,04,355
मरीज ठीक हुए
2039
मौत
23,340,938
मामले (भारत)
160,334,125
मामले (दुनिया)
×

China को दोटूक : अरुणाचल में Dalai Lama का स्वागत करेगा भारत

China को दोटूक : अरुणाचल में Dalai Lama का स्वागत करेगा भारत

- Advertisement -

नई दिल्ली। चीन की चेतावनी को भारत ने नजरअंदाज कर दिया है। धर्मगुरु दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर पड़ोसी देश के विरोध को दरकिनार करते हुए भारत ने कहा कि दलाई लामा एक धार्मिक यात्रा के तहत अरुणाचल प्रदेश आ रहे हैं। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और उन्हें देश के किसी हिस्से में जाने से रोका नहीं जा सकता। माना जा रहा है कि भारत के इस फैसले के बाद चीन से उसकी तनातनी बढ़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने से लेकर NSG में भारत की सदस्यता को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से मनमुटाव बना हुआ है। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने भारत के इस कदम को भड़काऊ बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि चीन इस बात को लेकर चिंतित है कि भारत ने दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की अनुमति दी है। यह द्विपक्षीय संबंध और विवादित सीमावर्ती इलाके में शांति को ‘गंभीर नुकसान’ पहुंचा सकता है।


  • पड़ोसी देश के विरोध को किया दरकिनार

इस बीच भारत ने भी दो टूक जवाब दिया है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि भारत की तरफ से यह बड़ा बदलाव है। हम ज्यादा मजबूत हैं। दलाई लामा अरुणाचल में एक धर्मगुरु के तौर पर जा रहे हैं और उनको रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उनके श्रद्धालु दलाई लामा की यात्रा की मांग कर रहे हैं। वह भला किसी दूसरे को क्या नुकसान पहुंचा सकता हैं। वह लामा हैं। गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताते हुए अपना दावा जताता रहा है। समय-समय पर भारतीय नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों की अरुणाचल यात्रा का विरोध करता रहा है।

उसने दिसंबर 2016 में तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजी की अरुणाचल यात्रा का विराध किया था। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा के अरुणाचल प्रदेश दौर के समय भी चीन बिफरा था। चीन ने अमेरिका को भी चेतावनी देते हुए कहा था कि इससे भारत-चीन सीमा पर काफी मशक्कत के बाद बनी शांति को नुकसान पहुंच सकता है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यात्रा पर भी ड्रैगन ने असंतोष जाहिर किया था। भारत ने हर बार चीन के दावे को खारिज करते हुए अरुणाचल को अपना अभिन्न हिस्सा बताया है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है