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कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग में इंग्लैंड से ज्यादा कामयाब भारत, इस बार 4 मेडल किए अपने नाम

मीराबाई चानू ने गोल्ड, संकेत और बिंदिया ने सिल्वर और गुरुराजा ने जीता ब्रॉन्ज

कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग में इंग्लैंड से ज्यादा कामयाब भारत, इस बार 4 मेडल किए अपने नाम

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कॉमनवेल्थ गेम्स में हर देश के खिलाड़ी जीतने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी भी पूरी बराबर की टक्कर देते हैं। शनिवार को भारतीय वेटलिफ्टर्स (Weightlifters) ने भी ऐसा ही कुछ करके दिखाया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में वेटलिफ्टिंग के खेल में भारत इंग्लैंड से ज्यादा कामयाब देश बन गया है।

ये भी पढ़ें-कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: संकेत ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत, भारत का खोला खाता

बता दें कि शनिवार को 22 वें कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) की चार कैटेगरी के मुकाबले हुए और खास बात है कि भारत ने चारों मुकाबलों में मेडल जीता। इन मुकाबलों में मीराबाई चानू ने गोल्ड जीता, संकेत और बिंदिया रानी ने सिल्वर जीता और गुरुराजा पुजारी ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया। इसी के चलते भारत ने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड और ब्रॉन्ज जीतने के मामले में इंग्लैंड को पीछे छोड़ दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक भारत के नाम 44 गोल्ड, 50 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज हो गए हैं। जबकि, इंग्लैंड के नाम 43 गोल्ड, 48 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज हैं। अब भारत से आगे सिर्फ ऑस्ट्रेलिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 गोल्ड, 52 सिल्वर और 48 ब्रॉन्ज जीते हैं।

देश के लिए रहा मजबूत खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) के इतिहास में शूटिंग में सबसे ज्यादा कामयाबी मिली है। शूटिंग में अब तक भारत ने 63 गोल्ड समेत 135 मेडल जीते हैं। हालांकि, इस बार शूटिंग मेगा इवेंट का हिस्सा नहीं है। वहीं, वेटलिफ्टिंग भारत के लिए दूसरा सबसे मजबूत खेल रहा है। इस खेल में भारत को अब तक 43 गोल्ड समेत 125 मेडल मिले हैं।

वेट कैटेगरी में किए गए बदलाव
कॉमनवेल्थ गेम्स में इस बार मेंस और विमेंस की तमाम वेट कैटेगरी में बदलाव किए गए हैं। इसी के चलते पिछली बार 48 केजी में गोल्ड जीतने वाली मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) को इस बार 49 केजी में हिस्सा लेना पड़ा। हालांकि, मीराबाई चानू ने पिछली बार की तरह इस बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली मीराबाई चानू का ये तीसरा कॉमनवेल्थ मेडल है। उन्होंने साल 2014 में सिल्वर जीता था।

मीराबाई चानू ने जीता गोल्ड

बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई ने स्नैच में 88 और क्लीन एंड जर्क में 113 केजी वेट उठाकर कुल 201 किलो वेट के साथ गोल्ड (Gold) जीता। इसमें में उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पर्सनल बेस्ट की बराबरी की, जिनके नाम 119 केजी का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। मीराबाई चानू ने 115 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन वे 113 केजी उठाने में ही सफल हो पाईं। मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में 202 केजी वेट उठाकर सिल्वर हासिल किया था।

गुरुराजा ने हासिल किया ब्रॉन्ज

वहीं, पिछली बार 55 केजी में सिल्वर जीतने वाले भारत के गुरुराजा पुजारी (Gururaja Poojary) ने इस बार 54 केजी में हिस्सा लिया। उन्होंने स्नैच में 118 और क्लीन एंड जर्क में 151 किलो वेट उठाया। यानी गुरुराजा पुजारी ने कुल 269 केजी वेट उठाया और ब्रॉन्ज (Bronze) अपने नाम किया।

संकेत ने जीता सिल्वर

इसके अलावा इस बार मेंस 61 केजी में संकेत महादेव (Sanket Mahadev) ने सिल्वर (Silver) जीता। उन्होंने कुल 248 केजी वेट उठाया। संकेत गोल्ड जीतने वाले मलेशिया के अनिक कासदान से सिर्फ एक केजी पीछे रहे।

बिंदिया रानी ने जीता सिल्वर

साल 2018 में विमेंस 53 केजी में के.संजीता चानू ने गोल्ड जीता था। वहीं, इस बार विमेंस 55KG में बिंदिया रानी देवी (Bindiya Rani Devi) ने सिल्वर (Silver) जीता है। उन्होंने 202 केजी वेट उठाया। बिंदिया भी गोल्ड जीतने वाली नाइजीरिया की अदजात ओलारिनोय सिर्फ एक केजी कम वेट उठाया।

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